‘बिग बॉस 13’ के बाद क्यों बुझ गई शो की आग? इन्फ्लुएंसर्स, फेक ड्रामा और बदलते गेम ने बिगाड़ा पूरा खेल

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बिग बॉस 13 और बिग बॉस 20

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‘बिग बॉस 13’ के बाद शो का क्रेज धीरे-धीरे क्यों कम होता गया? इन्फ्लुएंसर्स की बढ़ती एंट्री, बनावटी ड्रामा, बदलते टास्क और वोटिंग पर उठते सवालों ने क्या बिग बॉस का पूरा गेम बदल दिया?

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एक समय था जब ‘बिग बॉस’ शुरू होते ही सोशल मीडिया से लेकर घर की चाय की टेबल तक सिर्फ इसी शो की चर्चा होती थी. खासकर ‘बिग बॉस 13’ ने तो ऐसा माहौल बनाया था कि सिद्धार्थ शुक्ला, शहनाज गिल और असीम रियाज के झगड़े और रिश्ते हर किसी की बातचीत का हिस्सा बन गए थे. लेकिन इसके बाद शो में काफी कुछ बदला और धीरे-धीरे वही पुराना क्रेज कम होता नजर आया. आखिर ऐसा क्या हुआ?

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इन्फ्लुएंसर्स की एंट्री से बदला गेम

पहले शो में ऐसे टीवी और फिल्म कलाकार ज्यादा नजर आते थे, जिन्हें दर्शक पहले से जानते थे, लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे. बाद के सीजन्स में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स की एंट्री बढ़ी. इनके पास पहले से बड़ी फैन फॉलोइंग होती है, ऐसे में कई बार दर्शकों को लगा कि गेम घर के अंदर के प्रदर्शन से ज्यादा सोशल मीडिया सपोर्ट पर निर्भर हो रहा है.

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ड्रामा दिखता है थोड़ा बनावटी

बिग बॉस 13’ में कई रिश्ते और झगड़े दर्शकों को काफी नेचुरल लगे. वहीं, बाद के सीजन्स में कुछ कंटेस्टेंट्स पर कैमरे के लिए ड्रामा करने के आरोप लगते रहे. लड़ाई, लव एंगल और विवाद को लेकर पहले से रणनीति बनाकर आने का एहसास कई दर्शकों को पसंद नहीं आया. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर अक्सर ‘फेक ड्रामा’ को लेकर बहस होती रही.

कहां गए पुराने वाले टास्क?

बिग बॉस की जान कभी उसके टास्क हुआ करते थे. कंटेस्टेंट्स के बीच मुकाबला, रणनीति और जीतने की भूख शो को मजेदार बनाती थी. समय के साथ फिजिकल टास्क और उनके आसपास के विवादों के बीच फॉर्मेट में बदलाव देखने को मिला. कई दर्शकों को लगा कि अब शो में गेम से ज्यादा बहस और रिश्तों पर जोर दिया जा रहा है.

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वोटिंग पर भी उठते रहे सवाल

एविक्शन बिग बॉस का सबसे बड़ा सस्पेंस होता है, लेकिन अलग-अलग सीजन्स में वोटिंग और एविक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठते रहे हैं. जब दर्शकों को किसी फैसले पर भरोसा नहीं होता, तो उनका शो से जुड़ाव भी कमजोर पड़ सकता है.

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OTT ने भी कम किया इंतजार?

पहले बिग बॉस के नए सीजन का इंतजार दर्शकों को लंबे समय तक रहता था. फिर OTT वर्जन और लगातार नए सीजन्स ने शो को साल के ज्यादा समय तक स्क्रीन पर बनाए रखा. 24/7 कंटेंट मिलने से शायद वही ‘बिग बॉस वाला इंतजार’ कम हो गया, जो कभी शो की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था.

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