Shivraj Singh Chouhan Vidisha Seat Result 2024: जमीन से जुड़े बीजेपी उम्मीदवार शिवराज सिंह चौहान की विदिशा से शानदार जीत

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 04 Jun 2024 4:48 PM

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Shivraj Singh Chouhan/ file photo

Shivraj Singh Chouhan Vidisha Seat Result 2024: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा से चुनाव जीत चुके हैं. यहां से कांग्रेस ने पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा था. जानें इस सीट का हाल

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मध्यप्रदेश की हॉट सीटों में से एक है विदिशा, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव लड़ रहे हैं. यहां से शिवराज सिंह ने आठ लाख से ज्यादा वोट से जीत दर्ज की है. कांग्रेस ने यहां से एक बार फिर पूर्व सांसद प्रताप भानु शर्मा पर दांव खेला था जिसकी वजह से इस सीट की चर्चा जोरों पर हो रही थी. शिवराज सिंह चौहान को जमीन से जुड़ा हुआ नेता माना जाता है जो चार बार प्रदेश के सीएम के पद पर काबिज नजर आए. बीजेपी के सबसे लंबे समय तक सीएम पद पर रहने वाले नेता के तौर पर शिवराज को जाना जाता है. वह 5 बार सांसद और 5 बार विधायक रह चुके हैं.

शिवराज सिंह चौहान कब बने विधायक और कब सांसद

साल 1990 में शिवराज सिंह चौहान ने अपना पहला चुनाव बुधनी विधानसभा सीट से लड़ा जबकि उनकी सांसदी का पहला कार्यकाल विदिशा संसदीय सीट से 1991 में शुरू हुआ था. आपको बता दें कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने लखनऊ और विदिशा से चुनाव लड़ा था. उन्होंने बाद में फैसला किया कि जनता का ज्यादा आशीर्वाद जहां से मिलेगा, वहीं के सांसद वह रहेंगे. इसके बाद उन्होंने विदिशा सीट शिवराज सिंह को सौंप दी. शिवराज सिंह 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में सांसद के तौर पर जनता की सेवा की.

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जानें शिवराज कब-कब संभाला चुके हैं सीएम पद?

  • -शिवराज सिंह पहली बार 29 नवंबर 2005 से 10 दिसंबर 2008 तक वह सीएम रहे. 29 नवंबर 2005 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 6 मई 2006 को बुधनी से उप-चुनाव में जीत दर्ज की.
  • शिवराज सिंह दूसरी बार 12 दिसंबर 2008 से 9 दिसंबर 2013 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे.
  • -शिवराज सिंह तीसरी बार 14 दिसंबर 2013 से 12 दिसंबर 2018 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे.
  • -शिवराज सिंह चौथी बार मार्च 2020 से 2023 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे.

शिवराज सिंह के संगठन में सफर के बारे में जानें

  • 1972 में स्वयंसेवक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े
  • 1975 में अध्यक्ष, मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल छात्र संघ
  • 1975 से 1976 शिवराज आपातकाल के खिलाफ भूमिगत आंदोलन में भाग लिया और मीसाबंदी भी रहे.
  • 1976-1977 में वे आंतरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत कैदी बनकर रहे.
  • 1977-1978 में शिवराज संगठन सचिव, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भोपाल के पद पर रहे.
  • 1978-1980 में संयुक्तसचिव, एबीवीपी मध्य प्रदेश के पद पर रहे.
  • 1980-1982 में महासचिव, एबीवीपी मध्य प्रदेश के पद पर रहे.
  • 1982-1983 में राष्ट्रीय मंत्री, एबीवीपी
  • 1984-1985 में संयुक्त सचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्य प्रदेश
  • 1985-1988 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव के पद पर रहे.
  • 1988-1991 में अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, मध्यप्रदेश
  • 1991-1992 में संयोजक, अखिल भारतीय केशरिया हिंदू वाहिनी
  • 1992-1996 में महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा
  • 1997-2000 में महासचिव, मध्यप्रदेश भाजपा
  • 2000-2003 में राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा
  • 2003-2005 में राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा
  • 2005-2006 में प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश भाजपा
  • 2014- 2022 में सदस्य, भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड
  • 2019 में भाजपा ने सदस्यता अभियान का प्रमुख बनाया.
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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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