8 साल UPSC की तैयारी, असफलता और 18000 की सैलरी, Aspirant का छलका दर्द

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UPSC Harsh Reality

पढ़ाई करते हुए लड़की की AI जेनरेटेड तस्वीर

UPSC Harsh Reality: 8-9 साल UPSC की परीक्षा देने के बाद भी असफल कैंडिडेट्स के मन में बड़ा सवाल होता है कि आखिर अब क्या करें. गुरुग्राम में काम करने वाली महिला ने बताया कि हर कैंडिडेट्स को एक बैकअप रखना चाहिए.

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UPSC Harsh Reality: UPSC की परीक्षा काफी टफ होती है. कम सीट्स और टफ कंप्टीशन के कारण कई बार सालों की मेहनत के बाद भी कुछ कैंडिडेट्स परीक्षा क्रैक नहीं कर पाते हैं. कई कैंडिडेट्स ऐसे होते हैं जिन्होंने यूपीएससी के अलावा कभी कुछ सोचा ही नहीं. लेकिन लास्ट चांस भी खत्म हो जाने के बाद जब वे जॉब मार्केट में आते हैं तो उन्हें महसूस होता है कि बैकअप रखना कितना जरूरी होता है. कुछ ऐसा ही हाल गुरग्राम में काम करने वाली एक महिला का है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर आकर बताया कि UPSC परीक्षा को 8 साल देने के बाद जब वे जॉब मार्केट में आईं तो उन्हें सिर्फ 18,000 की नौकरी ऑफर हुई थी.

8 साल तक किया UPSC परीक्षा की तैयारी

यूपी के बरेली की रहने वाली इस महिला ने बताया कि उन्होंने 8 साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का अटेंप्ट दिया था. 5 अटेंप्ट राज्य की अन्य सरकारी परीक्षा में दी थी. लेकिन उनका सेलेक्शन किसी में भी नहीं हुआ. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षाओं के पीछे छिपी कठिन सच्चाइयों को वीडियो के जरिए शेयर किया.

UPSC का सपना पूरा न होने पर सच्चाई से सामना

इस महिला ने कहा कि उन्होंने UPSC परीक्षा के लिए पूरी मेहनत की, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो उन्हें आगे का रास्ता खुद तय करना पड़ा. हजारों अभ्यर्थियों की तरह, उनके सामने भी फ्यूचर को लेकर अनिश्चितता थी. ऐसे में उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया और गुरुग्राम (गुड़गांव) में जाकर 18,000 रुपये महीने की सैलरी पर नौकरी शुरू कर दी.

गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में 18,000 में खर्च चलाना मुश्किल

महिला ने कहा कि अगर आप गुरुग्राम के बारे में जानते होंगे तो आपको इस बात का अंदाजा होगा कि गुरुग्राम जैसे महंगे शहरे में 18,000 रुपये की सैलरी कितनी कम है. इतने कम पैसे में जीवन चलाना बहुत कठिन है. कमाई का एक बड़ा हिस्सा किराए और मेट्रो जैसे खर्चों में चला जाता है.

युवाओं को दी महत्वपूर्ण सीख

उनका संदेश युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. कहा कि सिर्फ एक ही लक्ष्य पर पूरी निर्भरता न रखें. UPSC जैसी परीक्षाएं दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक हैं, जहां लाखों उम्मीदवारों में से कुछ का ही सेलेक्शन होता है. उन्होंने यह भी कहा कि तैयारी के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन और प्राइवेट सेक्टर में अवसरों पर भी ध्यान देना जरूरी है.

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. कई लोगों ने उनकी ईमानदारी और साहस की सराहना की, जबकि कई ने इसे अपने अनुभवों से जोड़ा. कुछ यूजर्स ने इसे नई शुरुआत की कहानी बताया.

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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