सिर्फ IIT नहींं NIT वाले भी ले रहे UPSC में एंट्री, बिहार की Smriti को AIR 368

स्मृति आनंद (PC-सोशल मीडिया)
Success Story: स्मृति आनंद की कहानी यह बताती है कि अगर आपका लक्ष्य क्लियर है, तो आप किसी भी फील्ड से आकर सिविल सेवा में अपनी जगह बना सकते हैं. जॉब के साथ तैयारी करना मुश्किल जरूर है, लेकिन सही प्लानिंग और मेहनत से यह मुमकिन है.
Success Story: बिहार के लखीसराय की रहने वाली स्मृति आनंद की कहानी उन स्टूडेंट्स के लिए खास है जो इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा में करियर बनाना चाहते हैं. टेक्निकल बैकग्राउंड होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को बदला और सिविल सेवा की राह चुनी. जॉब के साथ-साथ तैयारी करना आसान नहीं होता, लेकिन स्मृति ने इसे संभव कर दिखाया.
बिहार से हुई शुरुआती पढ़ाई
स्मृति आनंद मूल रूप से बिहार के लखीसराय की रहने वाली हैं. उनकी स्कूलिंग पटना से हुई, जहां से उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी रही स्मृति का फोकस हमेशा कुछ बड़ा करने पर था.
NIT से की इंजीनियरिंग
स्कूल के बाद उन्होंने NIT दुर्गापुर से IT ब्रांच में BTech किया. इंजीनियरिंग के दौरान ही उन्होंने अपने करियर को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू किया. टेक्निकल फील्ड में अच्छी पढ़ाई के बाद उनके पास कई करियर ऑप्शन खुले.
डेटा इंजीनियर की नौकरी, फिर बदला लक्ष्य
BTech के बाद स्मृति ने डेटा इंजीनियर के रूप में काम किया. लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि उनका इंटरेस्ट हमेशा से सिविल सेवा में था. यही वजह रही कि उन्होंने नौकरी के साथ-साथ UPSC की तैयारी शुरू कर दी.
जॉब के साथ तैयारी, आसान नहीं था सफर
स्मृति एक समय लखीसराय में अवर निर्वाचन पदाधिकारी (Sub-Election Officer) के रूप में भी कार्यरत रहीं. इस दौरान उन्होंने बिहार सिविल सर्विस (BPSC) और UPSC दोनों की तैयारी जारी रखी.
परिवार से मिला सपोर्ट
स्मृति के पिता नरेंद्र सिंह सेवानिवृत्त अंचल अधिकारी (CO) हैं, जबकि उनकी माता मंजू देवी गृहिणी हैं. परिवार का सपोर्ट उनके सफर में काफी अहम रहा. स्मृति का मानना है कि परिवार के सपोर्ट के बिना वो इतना बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर पातीं.
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By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.
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