छोड़ी डॉक्टरी, UPSC को बनाया टारगेट, AIR 87 लाकर चमकी सयाली

सयाली पगार UPSC AIR 87 (Social Media)
Sayali Bhika Pagar AIR 87: नासिक की सयाली पगार ने यूपीएससी 2025 में AIR 87 हासिल की है. जानें कैसे सयाली ने मेडिकल से सिविल सर्विसेज तक का सफर को पूरा किया.
Sayali Bhika Pagar AIR 87: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो कड़ी मेहनत के साथ-साथ एक सही दिशा में आगे बढ़ते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है महाराष्ट्र के नासिक जिले की रहने वाली सयाली भीका पगार की. सयाली ने यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम में पूरे देश में 87वीं रैंक हासिल की है. आइए सयाली की UPSC की जर्नी को करीब से जानते हैं.
Sayali Bhika Pagar AIR 87: कौन है सयाली पगार?
सयाली पगार महाराष्ट्र के नासिक जिले के कलवन की रहने वाली है. उनके पिता का नाम भिका पगार है. सयाली के पिता इंडियन रिजर्व बैंक (RBI) में डिप्टी जनरल मैनेजर हैं. सयाली बचपन से ही पढ़ने में काफी होनहार स्टूडेंट रही है. उनकी यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं.
मेडिकल की पढ़ाई से सिविल सर्विसेज तक का सफर
सयाली का शैक्षणिक और भौगोलिक बैकग्राउंड काफी अलग और दिलचस्प रहा है. उन्होंने अपनी स्कूलिंग सालबोनी के केंद्रीय विद्यालय से पूरी की. इसके बाद की पढ़ाई उन्होंने मैसूर से की. आगे चलकर उन्होंने बेंगलुरु के सप्तगिरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर से अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की. डॉक्टर बनने के बाद भी उनके मन में कुछ और करने की इच्छा थी, जिसने उन्हें सिविल सेवा की तरफ मोड़ा.
क्यों छोड़ा डॉक्टरी का पेशा?
सयाली ने बताया कि उनका झुकाव हमेशा से पब्लिक सर्विस की तरफ था. वे (Sayali Bhika Pagar AIR 87) हमेशा से लोगों के बीच रहकर उनके लिए काम करना चाहती थी. यही एक बड़ी वजह थी कि उन्होंने पहले मेडिकल की पढ़ाई चुनी. लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि सिविल सर्विस में जाना चाहती है.
हेल्थ, एजुकेशन और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
अपनी इस सफलता के बाद सयाली प्रशासन और गवर्नेंस में अपना बेहतरीन योगदान देना चाहती हैं. सयाली ने बताया कि वह भविष्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए काम करना चाहती हैं. इसके साथ ही उनका विशेष ध्यान महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) पर रहेगा, ताकि समाज में महिलाओं की स्थिति को और मजबूत किया जा सके.
Sayali Bhika Pagar AIR 87: अनुशासन और प्लानिंग ने दिलाई सफलता
सयाली का मानना है कि यूपीएससी में सफलता पाने के लिए डिसिप्लिन और सही प्लानिंग सबसे ज्यादा जरूरी है. सयाली महीनों और हफ्तों के हिसाब से अपने टारगेट तय करती थी और अपनी पढ़ाई के दौरान उनका बहुत सख्ती से पालन करती थी. उनके अनुसार, नियमित रूप से पढ़ाई करना और अपने प्लान पर टिके रहना ही जीत की चाबी है.
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By स्मिता दे
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग इनकी रुचि है. ये लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ और ट्रेंडिंग टॉपिक्स कवर करती है. रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उपयोगी और रोचक जानकारी रीडर्स तक पहुंचाना इन्हें पसंद है.
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