12वीं में टॉप करो, डॉक्टर बनो, CM का सुझाव आसान या मुश्किल?

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मेडिकल स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

मेडिकल स्टूडेंट्स की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

No NEET Demand: नीट परीक्षा इस साल भी कई विवादों में देखी गई. तमिलनाडु के नए सीएम थलापति विजय ने मांग कर दी कि मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए NEET की जगह 12वीं के मार्क्स को आधार मानना चाहिए. अब इस सुझाव को लागू करना आसान होगा या इसमें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा आइए आसान भाषा में समझते हैं.

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No NEET Demand: अगर डॉक्टर बनने के लिए NEET की जगह सिर्फ 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल एडमिशन मिलने लगे तो क्या होगा? इसी सवाल ने नई बहस छेड़ दी है. तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने NEET हटाने और 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला देने की मांग की है. अब इस पर देशभर में चर्चा तेज हो गई है.

NEET या 12वीं के मार्क्स पर एडमिशन के क्या हैं चांस?

पहलूNEET (मौजूदा सिस्टम)12वीं के अंकों पर आधारित सिस्टम (विजय का सुझाव)
परीक्षा का स्तरपूरे देश के लिए एक कॉमन एंट्रेंस एग्जामहर राज्य अपने बोर्ड के अंकों के आधार पर चयन करेगा
सिलेबसNCERT आधारित, पूरे देश में लगभग एक जैसाCBSE और अलग-अलग राज्य बोर्ड का सिलेबस अलग
पारदर्शिताकॉमन परीक्षा, लेकिन पेपर लीक जैसे विवाद सामने आते रहे हैंबोर्ड परीक्षाओं में अलग-अलग मूल्यांकन और मार्क्स इन्फ्लेशन की आशंका
ग्रामीण छात्रों पर असरकोचिंग पर निर्भरता अधिक, जिससे शहरी छात्रों को फायदा मिल सकता हैस्थानीय स्कूलों के छात्रों के लिए अपेक्षाकृत आसान व्यवस्था
एक समान मानकपूरे देश में सभी छात्रों का एक ही पैमाने पर मूल्यांकनअलग-अलग बोर्ड के अंकों की तुलना करना मुश्किल
कानूनी स्थितिवर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर लागू व्यवस्थाइसे लागू करने के लिए शिक्षा व्यवस्था और कानून में बड़े बदलाव की जरूरत होगी

किसने, कब, क्या कहा?

मई 2026 में NEET का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने साफ कहा कि मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन अब नीट के बजाय 12वीं के नंबरों के आधार पर ही होना चाहिए.

सीएम थलापति विजय का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET आधारित व्यवस्था खत्म की जानी चाहिए. उनकी मांग है कि केंद्र सरकार राज्यों को यह अधिकार दे कि वे MBBS और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश 12वीं बोर्ड परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर करें. उनका मानना है कि इससे छात्रों को NEET जैसी अलग प्रवेश परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी और राज्यों को अपनी प्रवेश प्रक्रिया तय करने की आजादी मिलेगी.
(AI Generated Image)
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CM थलापति विजय ने यह भी याद दिलाया कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ के राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव दिए थे, लेकिन महज दो साल में ही फिर पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी.


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विजय का सुझाव "आसान" क्यों लगता है?

  • छात्रों को अब दो जगह मेहनत नहीं करनी पड़ेगी- सिर्फ बोर्ड एग्जाम पर फोकस
  • कोचिंग सेंटरों की मोटी फीस से थोड़ी राहत मिल सकती है
  • ग्रामीण और गरीब घर के बच्चों को बराबरी का मौका मिलने की उम्मीद
  • पेपर लीक जैसी बार-बार की टेंशन से मुक्ति

लेकिन "मुश्किल" पहलू भी कम नहीं

  • अलग-अलग राज्यों के बोर्ड एग्जाम का स्तर एक जैसा नहीं होता, तो तुलना कैसे होगी?
  • अगर हर राज्य में मार्क्स इन्फ्लेशन होने लगा (जैसे पहले होता था), तो मेरिट का मतलब ही खत्म
  • शिक्षा अभी समवर्ती सूची में है, यानी सिर्फ राज्य चाहकर भी इसे पूरी तरह बदल नहीं सकता
  • राष्ट्रपति की मंजूरी और केंद्र सरकार की सहमति के बिना कानूनी तौर पर ये लागू होना मुश्किल

तमिलनाडु पहले भी लड़ चुका है ये लड़ाई

ये कोई पहली बार नहीं जब तमिलनाडु ने केंद्र से टकराव मोल लिया हो. इससे पहले भी तत्कालीन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर नीट खत्म करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने का अनुरोध किया था.

स्टालिन ने बताया था कि तमिलनाडु ने विधानसभा में सर्वसम्मति से एक विधेयक पास किया था जो नीट की जगह 12वीं के नंबरों पर दाखिला देने की बात करता था, लेकिन वो अब तक राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. यानी विजय अब वही झंडा उठा रहे हैं, जो पहले DMK सरकार उठा चुकी थी.


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CM विजय का सुझाव सुनने में जितना सिंपल लगता है, असल में लागू करना उतना आसान नहीं. ये सिर्फ एक स्टेटमेंट नहीं, बल्कि संविधान, राज्य-केंद्र के अधिकार, और देश भर के अलग-अलग बोर्ड सिस्टम से जुड़ा एक बड़ा सवाल है.

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रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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