NEET Protest: सड़कों पर छात्र, भूख हड़ताल और लाठीचार्ज... कहां है NEET के लिए करोड़ों की फीस लेने वाली कोचिंग?

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नीट प्रदर्शन में लाठीचार्ज की फोटो (Image: X)

NEET की तैयारी के लिए लाखों की फीस लेने वाली कोचिंग संस्थाएं विवादों के समय गायब हो जाती हैं. पेपर लीक के तार भी इनसे जुड़े पाए गए हैं. जानें कैसे माता-पिता बच्चों के सपने पूरे करने के लिए जमीन-जायदाद बेच देते हैं, वहीं कोचिंग फीस बढ़ाती रहती हैं.

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NEET की तैयारी शुरू होते ही सबसे पहले किताब नहीं, बैंक बैलेंस का टेस्ट होता है. एडमिशन काउंटर पर पहुंचते-पहुंचते कई परिवारों की सालों की बचत पसीना बहाने लगती है. लाखों रुपये की फीस जमा होती है, हॉस्टल का अलग खर्च, टेस्ट सीरीज अलग और बाकी इंतजाम अलग. इसके बाद दिखाई देती हैं हरी, नीली, लाल टी-शर्ट पहने मुस्कुराते छात्रों की बड़ी-बड़ी होडिंग्स. बस यही वो मंजर होता है जहां पैरेंट्स की आंखों में अपना बच्चा इन पोस्टर्स पर नजर आने लगता है.

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"हर साल NEET की तैयारी पर करीब ₹1.32 लाख करोड़ खर्च होते हैं. यह रकम केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट (करीब ₹1.4 लाख करोड़) के लगभग बराबर है. यानी एक परीक्षा की तैयारी पर परिवार जितना पैसा खर्च कर रहे हैं, वह लगभग उतना ही है जितना सरकार पूरे देश की शिक्षा पर खर्च करती है. यह खुली लूट है. युवाओं के सड़कों पर उतरकर विरोध करने की यह दूसरी बड़ी वजह है."
— राहुल गांधी


शहरएक साल की अनुमानित फीस
दिल्ली₹1.85 लाख - ₹2.10 लाख
मुंबई₹1.70 लाख - ₹1.95 लाख
कोटा₹1.55 लाख - ₹1.85 लाख
लखनऊ₹1.45 लाख - ₹1.70 लाख
पटना₹1.30 लाख - ₹1.60 लाख

डरावनी है करोड़ों की फीस की गणित

एक एवरेज NEET कोचिंग में दो साल का पैकेज 2 लाख से लेकर 6-7 लाख रुपए तक जाता है. इसमें हॉस्टल, मेस, टेस्ट सीरीज अलग से जोड़ दीजिए तो आंकड़ा और भी डरावना हो जाता है. मिडिल क्लास घर का बजट पूरा हिल जाता है.

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NEET की कोचिंग में एडमिशन के समय माहौल ऐसा होता है कि लगता है बस अब सफेद कोट पहनना बाकी है. सेमिनार में तालियां, ब्रॉशर में मुस्कुराते चेहरे होंगे, दीवारों पर AIR 1 से लेकर AIR 100 तक की तस्वीरें और हर दूसरी लाइन में लिखा होता है - 'आपका सपना, हमारी जिम्मेदारी'. लेकिन जैसे ही परीक्षा पर विवाद हुआ, छात्र सड़क पर उतरे, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ और पुलिस कार्रवाई हुई कोई भी कोचिंग वाला नजर नहीं आया.

No Comments मोड में कोचिंग वाले

हर साल मई-जून का महीना, NEET का रिजल्ट लेकर आता है. साथ में आता है वही पुराना सवाल - जिन कोचिंग सेंटरों ने बच्चों से लाखों रुपए वसूले, वो अब कहां हैं. जब बात एडमिशन के फॉर्म भरने और "गारंटीड सक्सेस" के दावों की होती है, तब हर होर्डिंग पर इनका नाम चमकता है. लेकिन जैसे ही कोई गड़बड़ी सामने आती है, ये अचानक "No Comments" मोड में चले जाते हैं.

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पेपर लीक के तार भी कोचिंग से ही जुड़े

याद दिला दें कि इस साल नीट यूजी के तार भी कोचिंग से ही जुड़े थे. महाराष्ट्र के लातूर में स्थित RCC यानी रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस का लिंक पेपर सेटर के साथ था. CBI ने कोचिंग के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया था. जांच में पाया गया कि कोचिंग सेंटर के संचालक ने पेपर सेटर से NEET UG पेपर प्राप्त किए थे.


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मां-बाप जमीन बेचते हैं, लोन लेते हैं, गहने गिरवी रखते हैं बस इसलिए कि बच्चे का डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सके. और कोचिंग वाले इस भावना को बहुत अच्छे से भुनाना जानते हैं.

एक कोचिंग में NEET UG की फीस

एक बड़ी कोचिंग अपनी वेबसाइट पर दावा करती है कि NEET UG 2024 में 1,39,950 स्टूडेंट्स ने नीट परीक्षा पास की. मतलब एक स्टूडेंट की एवरेज फीस अगर 1.2 लाख भी है तो 16,794 करोड़ सिर्फ एक बैच से फीस कलेक्ट होता है. ये वो हैं जिन्होंने परीक्षा पास की है. फेल होकर पछताने वालों की तो गिनती ही नहीं है.

रिफंड मांगो तो सन्नाटा

अगर कोई पेरेंट्स कोर्स बीच में छोड़ने पर फीस वापस मांग लें, तो एग्रीमेंट की बारीक लाइनों का हवाला दे दिया जाता है. वही एग्रीमेंट जो एडमिशन के वक्त कोई ठीक से पढ़ता ही नहीं, क्योंकि उस वक्त बस एक ही चीज दिमाग में होती है - सीट पक्की करनी है.


मेंटल हेल्थ पर मुनाफा खोरी

12-14 घंटे की पढ़ाई, हफ्ते में एक टेस्ट, हर टेस्ट के बाद रैंक की लिस्ट पूरे हॉस्टल में चिपकाई जाती है. जो बच्चा पीछे रह जाए, उसे नीचा दिखाया जाता है. इस दबाव में कई बच्चे टूट जाते हैं. कुछ मामलों में तो बात बहुत आगे तक चली जाती है. लेकिन कोचिंग की तरफ से कभी ये नहीं सुना कि हमने अपने सिस्टम में क्या बदलाव किया.

पेपर लीक के आरोप, जंतर-मंतर का प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई जैसी घटनाओं ने कई सवाल छोड़े हैं. इन सवालों का जवाब अदालत, जांच एजेंसियां और संबंधित संस्थाएं अपने स्तर पर देंगी. लेकिन पैरेंट्स और छात्रों का विश्वास जीतने वाली कोचिंग साथ देने नहीं आती है. उल्टा अगले बैच के लिए फीस बढ़ाकर नया पोस्टर चिपकाने में वयस्त हो जाती है.

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