हिंदी के 7 सबसे कठिन शब्द, बोलने में जुबान जरूर फंसेगी, आप भी करें कोशिश
Published by : Ravi Mallick Updated At : 16 Aug 2025 12:25 PM
Most Hardest Hindi Words (AI Generated Image)
Most Hardest Hindi Words: हिंदी भाषा की खासियत यही है कि इसमें शब्दों का भंडार जितना विशाल है, उतने ही कठिन और जटिल शब्द भी मौजूद हैं. कई शब्द ऐसे होते हैं जिन्हें बोलने में जीभ लड़खड़ा जाती है और उनका सही अर्थ समझने में भी कठिनाई होती है. आइए जानते हैं ऐसे ही सात कठिन हिंदी शब्द और उनके अर्थ.
Most Hardest Hindi Words: हिंदी भाषा अपनी समृद्धता और विविधता के लिए जानी जाती है. यहां ऐसे कई शब्द मिलते हैं जिन्हें बोलना आसान नहीं होता. कई बार तो जुबान लड़खड़ा जाती है और सही उच्चारण करने में मुश्किल आती है. ऐसे ही कुछ कठिन शब्द हम आपके लिए लेकर आए हैं जिनका अर्थ भी जानना जरूरी है. आइए जानते हैं हिंदी के 7 सबसे कठिन शब्द (Most Hardest Hindi Words) और उनके अर्थ.
Most Hardest Hindi Words: हिंदी के सबसे कठिन शब्द
- अतिदुर्व्यवहार्य
यह शब्द उच्चारण में कठिन है और इसका अर्थ जिससे व्यवहार करना बहुत मुश्किल हो. आम बोलचाल में यह शब्द उन परिस्थितियों या व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जा सकता है जिनसे तालमेल बैठाना आसान न हो. यह शब्द भाषा की गहराई और अभिव्यक्ति की क्षमता को दर्शाता है.
- अतिसूक्ष्मदर्शी
यह शब्द लंबा होने के कारण बोलने में कठिन लगता है. इसका अर्थ है- बहुत ही छोटे कणों को देखने वाला यंत्र (Microscope). विज्ञान और चिकित्सा की भाषा में यह शब्द विशेष महत्व रखता है क्योंकि कई बार सूक्ष्म स्तर पर जांच करने के लिए ऐसे यंत्रों का उपयोग किया जाता है.
- निदानोपचारात्मक
यह शब्द चिकित्सकीय शब्दावली से जुड़ा है. इसका अर्थ है- बीमारी का कारण खोजकर उसका इलाज करने की प्रक्रिया. चिकित्सा शास्त्र में रोग की जड़ तक पहुंचकर उपचार करना इसी श्रेणी में आता है. कठिन शब्द होने के बावजूद इसका महत्व व्यावहारिक जीवन में अत्यधिक है.
- अनुपलब्ध्यर्थ
उच्चारण में बेहद कठिन यह शब्द का अर्थ है- जो उपलब्ध न हो, उसकी पूर्ति के लिए प्रयुक्त. दार्शनिक और साहित्यिक संदर्भों में यह शब्द अक्सर दिखाई देता है. इसका उपयोग कमी को पूरा करने या अनुपस्थित चीज़ के विकल्प के लिए किया जाता है.
- उच्छ्वास
यह अपेक्षाकृत छोटा शब्द है लेकिन जीभ को घुमा देता है. इसका अर्थ है – सांस का बाहर आना. आयुर्वेद और योग की शब्दावली में उच्छ्वास का विशेष महत्व है क्योंकि प्राणायाम और श्वसन क्रियाओं में इसका बार-बार उल्लेख होता है.
- औदासीन्य
यह शब्द बोलने में कठिन और लंबा है. इसका अर्थ है- उदासीनता या निष्क्रिय भाव. यह शब्द अक्सर साहित्यिक रचनाओं और मनोविज्ञान के संदर्भों में प्रयोग किया जाता है. व्यक्ति के भावनात्मक व्यवहार को समझने में इसका उपयोग होता है.
- दुर्भेद्य
दुर्भेद्य शब्द का अर्थ है- जिसे तोड़ना, भेदना या जीतना अत्यंत कठिन हो. यह शब्द प्रायः किले, दुर्ग, या मजबूत दीवारों के लिए प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग दृढ़ निश्चय और अडिग व्यक्तित्व के लिए भी किया जाता है.
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
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