‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाना पढ़ रहे हैं स्कूल के बच्चे, ओडिशा की 5वीं कक्षा की किताब में छपा ऐश्वर्या राय का हिट गाना

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Class 5 Text Book Odisha

बाएं- ऐश्वर्या राय, दाएं- 5वीं कक्षा की बुक

Class 5 Text Book Odisha: ओडिशा के 5वीं कक्षा के बच्चों की किताब उस पल वायरल होने लगी, जब लोगों ने देखा कि उसमें निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाने के बोल हैं. सोशल मीडिया यूजर्स ने इस गलती में शामिल अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं.

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Class 5 Text Book Odisha: 1999 में आई फिल्म हम दिल दे चुके सनम का ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाना तो आपने भी सुना या देखा होगा. ये गाना ऐश्वर्या राय बच्चन पर फिल्माया गया था. लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि अब इसे क्लास 5वीं के छात्र पढ़ रहे हैं. ऐसा भी नहीं कि किताब जनरल नॉलेज की हो. किताब तो इंग्लिश की है. आप कंफ्यूज हो गए होंगे कि आखिर मैटर क्या है.

दरअसल, ओडिशा के क्लास 5वीं के इंग्लिश किताब में ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाना गलती से छाप दी गई है. स्टूडेंट्स इसे पढ़ रहे हैं. लेकिन अब इस गड़बड़ी को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं.

बुक में बॉलीवुड गाना छपने को लेकर भड़के सोशल मीडिया यूजर्स

ओडिशा टीवी की एक खबर के अनुसार, बुक की कॉपी ऑनलाइन आने पर इस मैटर को हवा मिला. अब ओडिशा स्कूल की किताब में गलती पर विवाद शुरू हो गया है. सोशल मीडिया पर इस मैटर की कड़ी निंदा की जा रही है.

संबंधित खबर को लेकर सोशल मीडिया पर आ रहे फीडबैक्स (PC-X)
संबंधित खबर को लेकर सोशल मीडिया पर आ रहे फीडबैक्स (PC-X)

सोशल मीडिया के इस कॉमेंट को पढ़कर आप खुद ही समझ सकते हैं कि लोगों में किस हद की नाराजगी है. हिंदी में ट्रांसलेट करें तो एक कॉमेंट में कहा गया है कि अगर ऐसा है, तो मुझे लगता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ कोई साजिश रची गई है. लेकिन इन लोगों ने बच्चों की शिक्षा के लिए निर्धारित राज्य के धन को बर्बाद करने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई. वहीं एक कॉमेंट में कहा गया है कि इसकी जिम्मेदारी किसकी थी? कुछ लोगों ने बिना दोबारा जांचे-परखे ऐसी बातें बुक्स में शामिल कर दीं. इसे महज गलती नहीं कहा जा सकता. इन लोगों को टीवी पर बुलाकर सवाल पूछे जाने चाहिए.

शिक्षा अधिकारियों पर उठे सवाल

इस गलती ने स्कूल की किताबों को तैयार करने, समीक्षा करने और प्रकाशित करने में शामिल लोगों पर सवाल उठाए हैं. साथ ही क्ववालिटी एजुकेशन को लेकर चिंता पैदा कर दी है. आम लोगों के मन में भी एक सवाल ये है कि जब मामूली चीजें भी एडिट होती हैं तो बच्चों की किताब क्या बिना एडिटिंग के पब्लिश हुई? अगर एडिटिंग हुई भी तो किस तरह के हल्के-फुल्के अंदाज में इस काम को किया गया कि इतनी बड़ी गलती किसी के ध्यान में नहीं आई.

ओडिशा की बुक्स में 1600 से ज्यादा गलतियां

यह पहला ऐसा मामला नही हैं. ओडिशा के छोटे बच्चों की किताबों में कई बार इस तरह की गलतियां पाई गई हैं. नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत राज्य में जारी की गई नई किताबों में 1600 से ज्यादा गलतियां पाई गईं हैं. क्लास 1 से 8 तक के छात्रों के लिए 55 नई SCERT किताबों में 1,678 गलतियों मिली हैं. इनमें फैक्ट्स, ग्रामर और स्पेलिंग की गलतियां हैं. सबसे ज्यादा गलतियां क्लास 8 की किताबों में मिली हैं, जिनकी संख्या 705 है.

क्या है SCERT?

ओडिशा के सरकारी स्कूलों में SCERT (State Council of Educational Research and Training) द्वारा डिजाइन की गई किताबें पढ़ाई जाती हैं. कक्षा 1 से 8 तक SCERT की किताबें पढ़ाई जाती हैं और कक्षा 9 और 10 से NCERT लागू है.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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