Computer Science का क्रेज घटा, स्टूडेंट्स की पहली पसंद बनी ये इंजीनियरिंग ब्रांच
कॉलेज स्टूडेंट्स की AI Generated सांकेतिक फोटो
Best Engineering Branch: यह माना जाता रहा है कि इंजीनियरिंग में सबसे बेहतरीन प्लेसमेंट और सैलरी सिर्फ Computer Science (CSE) ब्रांच वालों को ही मिलती है. लेकिन हाल के आंकड़े इस सोच को चुनौती दे रहे हैं. देश के टॉप इंस्टिट्यूट्स में से एक IIIT बैंगलोर के प्लेसमेंट डेटा ने साबित कर दिया है कि अब ECE यानी Electronics and Communication Engineering ब्रांच भी CSE को कड़ी टक्कर दे रही है और कुछ मामलों में तो पीछे भी छोड़ रही है.
Best Engineering Branch: IIIT बैंगलोर, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित IIIT संस्थानों में गिना जाता है, वहां 2025 के प्लेसमेंट सीजन में एक चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिला. यहां का फ्लैगशिप अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम iMTech (Integrated MTech) कहलाता है, जो 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स है और आम तौर पर 4 साल के BTech जैसी भूमिका निभाता है. इसी प्रोग्राम में ECE ब्रांच का औसत पैकेज CSE ब्रांच से भी ज्यादा दर्ज हुआ.
IIIT बैंगलोर में प्लेसमेंट आंकड़े क्या कहते हैं
2025 सीजन में IIIT बैंगलोर के iMTech CSE स्टूडेंट्स का औसत पैकेज 36.75 लाख रुपये सालाना रहा, जबकि ECE ब्रांच के स्टूडेंट्स का औसत पैकेज इससे भी ज्यादा 38 लाख रुपये रहा. यह अपने आप में बड़ी बात है, क्योंकि आमतौर पर CSE ही सबसे आगे रहती है.
आखिर ECE को इतनी तवज्जो क्यों मिली
इसके पीछे बड़ी वजह है सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन इंडस्ट्री का तेजी से बढ़ना. VLSI और सेमीकंडक्टर कंपनियां हार्डवेयर स्किल्स वाले स्टूडेंट्स को प्रीमियम सैलरी देकर हायर कर रही हैं. आज हर AI मॉडल को चिप्स चाहिए, और हर चिप के पीछे ECE इंजीनियर्स की जरूरत है.
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2026 में क्या बदला
2026 के सीजन में तस्वीर थोड़ी बदली जरूर है. इस बार iMTech CSE का औसत पैकेज 47.33 लाख रुपये और मीडियन पैकेज 41 लाख रुपये रहा, जबकि ECE का औसत 38.54 लाख रुपये और मीडियन 38.61 लाख रुपये रहा. यानी CSE ने बढ़त फिर से हासिल कर ली, लेकिन ECE अब भी बहुत करीब मुकाबले में है.
| ब्रांच | 2025 औसत पैकेज |
| iMTech CSE | 36.75 लाख |
| iMTech ECE | 38.00 लाख |
सिर्फ IIIT बैंगलोर की बात नहीं
यह ट्रेंड सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं है. देशभर में सेमीकंडक्टर बूम की वजह से ECE, VLSI और हार्डवेयर से जुड़ी ब्रांचों की डिमांड लगातार बढ़ रही है. कई इंस्टिट्यूट्स में अब कोडिंग के साथ-साथ हार्डवेयर डिजाइन भी सिखाया जा रहा है, जिससे इन ब्रांचों के स्टूडेंट्स को सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों तरह के रोल मिल रहे हैं.
स्टूडेंट्स के लिए क्या सीख
इस बदलते ट्रेंड से एक बात साफ है कि सिर्फ CSE ही करियर की गारंटी नहीं है. ब्रांच चुनते वक्त इंडस्ट्री के मौजूदा ट्रेंड और कॉलेज के प्लेसमेंट रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
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