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आयुष्मान योजना से मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क होगा नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन, दूसरे को खर्च करने होंगे एक लाख रुपये

Updated at : 09 Nov 2023 7:04 AM (IST)
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आयुष्मान योजना से मेडिकल कॉलेज में नि:शुल्क होगा नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन, दूसरे को खर्च करने होंगे एक लाख रुपये

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के ऑर्थो विभाग में नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन की भी सुविधा मिलेगी. पिछले दिनों बलियापुर के प्रधानखंता के मरीज का नी-रिप्लेसमेंट का सफल ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन अब दूसरे मरीजों काे यह सुविधा देने की तैयारी में है.

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वरीय संवाददाता, धनबाद : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के ऑर्थो विभाग में नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन की भी सुविधा मिलेगी. पिछले दिनों बलियापुर के प्रधानखंता के मरीज का नी-रिप्लेसमेंट का सफल ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रबंधन अब दूसरे मरीजों काे यह सुविधा देने की तैयारी में है. आयुष्मान योजना से नी-रिप्लेसमेंट कराने वाले मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन होगा. अन्य मरीजों को करीब एक लाख रुपये खर्च करने होंगे. मेडिकल कॉलेज के ऑर्थों विभाग के एचओडी डॉ डीपी भूषण ने बताया कि निजी अस्पतालों में नी-रिप्लेसमेंट के ऑपरेशन में लगभग ढाई लाख रुपये तक का खर्च आता है. ऑपरेशन के बाद 14 दिनों तक ऑबजर्वेशन में मरीज को रखने के बाद उन्हें फिजियोथेरेपी देकर व चलाकर देखने के पश्चात डिस्चार्ज किया जायेगा.

नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए बनाया गया है बैरियर नर्सिंग कमरा : डॉ डीपी भूषण ने बताया कि एसएनएमएमसीएच में नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी वाले मरीजों के लिए बैरियर नर्सिंग कमरा बनाया बनाया गया है. सर्जरी के बाद मरीजों को इस विशेष कमरे में रखा जायेगा. इसमें सिर्फ चिकित्सकों को प्रवेश मिलेगा. मरीज के परिजनों को प्रवेश से पहले हाइजीन के नियमों का पालन करना होगा. इसकी व्यवस्था भी विशेष कमरे के बाहर उपलब्ध होगी.

सोचा नहीं था कि फिर कभी बगैर दर्द के चल पाऊंगा : मिशिर महतो

बलियापुर के प्रधानखंता के रहने वाले मिशिर महतो का नी-रिप्लेसमेंट की सफल सर्जरी एसएनएमएमसीएच में हुई है. वे स्वस्थ्य है. वह कहते हैं कि कभी सोचा नहीं थी कि बिना दर्द के अपने पैरों से चल पाऊंगा. बताया कि पिछले कई वर्षों से घुटने के दर्द से परेशान थे. चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ती थी. कई जगह इलाज करवाने पर भी कोई लाभ नहीं मिला. बाद में असहनीय पीड़ा के बाद वे एसएनएमएमसीएच पहुंचे.

  • निजी अस्पतालों में ऑपरेशन पर लगभग ढाई लाख रुपये खर्च आता

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