दिल्ली में अफसरों के तबादले पर अध्यादेश लाया केंद्र, सुप्रीम कोर्ट में भी दायर की अपील

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 May 2023 1:03 PM

विज्ञापन

केंद्र सरकार ने दिल्ली में अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण का गठन किया है. इसके मुताबिक तबादले पर आखिरी फैसला दिल्ली के उपराज्यपाल का होगा.

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली सरकार को अधिकारियों के तबादले का अधिकार मिले अभी हफ्ता भर भी नहीं हुए थे कि केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी कर यह अधिकार फिर से एलजी को सौंप दिए. केंद्र सरकार ने दिल्ली में अधिकारियों तबादले और नियुक्ति के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण का गठन किया है. अध्यादेश के मुताबिक, दिल्ली के सीएम प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष होंगे, जबकि दिल्ली के प्रधान गृह सचिव पदेन सदस्य सचिव होंगे. मुख्य सचिव भी इसके सदस्य होंगे. वहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के 11 मई के फैसले की समीक्षा की मांग की है जिसमें दिल्ली सरकार को नौकरशाहों के तबादले का अधिकार मिला था.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने लगाया आरोप: इधर केन्द्र की जारी अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए अध्यादेश जारी करने की योजना बना रही है. गौरतलब है कि अध्यादेश जारी किये जाने से महज एक सप्ताह पहले ही उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि को छोड़कर अन्य सभी सेवाओं का नियंत्रण दिल्ली सरकार को सौंप दिया था. सीएम अरविंद केजरीवाल ने केंद्र के अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट के साथ छलावा करार दिया है.

केंद्र सरकार का यह असंवैधानिक अध्यादेश- AAP: दिल्ली सरकार को केंद्र के अध्यादेश को लेकर कहना है कि,  केंद्र का यह अध्यादेश दिल्ली की निर्वाचित सरकार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई शक्तियां को छीनने का प्रयास है. आप ने कहा कि केंद्र दिल्ली सरकार के का काम रोकने के लिए ऐसा कर रहा है. आप ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यह असंवैधानिक अध्यादेश ऐसे समय में ले आई है, जब उच्चतम न्यायालय अवकाश के कारण बंद रहेगा. 

Also Read: सदस्य न होते हुए भी चौथी बार भारत G7 सम्मेलन में ले रहा है हिस्सा, जानिए क्यों खास है पीएम मोदी की मौजूदगी

अध्यादेश में क्या है: केंद्र के अध्यादेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकार नाम का एक प्राधिकरण होगा, जो उसे प्रदान की गई शक्तियों का उपयोग करेगा और उसे सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा. प्राधिकरण में दिल्ली के मुख्यमंत्री उसके अध्यक्ष होंगे. इसके अलावा मुख्य सचिव और प्रधान गृह सचिव सदस्य होंगे. अध्यादेश के मुताबिक, प्राधिकरण की ओर से तय किए जाने वाले सभी मुद्दों पर फैसले उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से होगा. प्राधिकरण की सभी सिफारिशों का सदस्य सचिव सत्यापन करेंगे.
भाषा इनपुट के साथ

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola