Delhi Pollution: दिल्ली की हवा में जहर- प्रदूषण का कहर, पंजाब की पराली ने दिल्ली को बनाया गैस चैंबर

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Nov 2022 6:27 PM

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Delhi Pollution: दिल्ली के कई क्षेत्रों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कणों की सांद्रता 600 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर दर्ज की गई. दिल्ली में शनिवार से प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा कर दी गई. 50 फीसदी कर्मचारियों को सोमवार से वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है.

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Delhi Pollution: दिल्ली में हवा की क्वालिटी लगातार खराब होती जा रही है. स्वच्छ हवा में सांस लेना तो दूर दिल्ली के लोगों को प्रदूषण के कारण डॉक्टर मास्क पहनने की सलाह दे रहे हैं. दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए एक बड़ा कारण पंजाब में पराली जलाने को बताया जा रहा है. पंजाब के कई इलाकों में लगातार पराली जलाने की सूचना मिल रही है. ऐसे में आने वाले समय में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है.

दिल्ली के एलजी ने सीएम भगवंत मान को लिखा पत्र: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए एलजी वीके सक्सेना ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को पत्र लिखा है. अपने पत्र में दिल्ली के उपराज्यपाल ने पंजाब के सीएम से कहा है कि पंजाब में पराली जलाने की घटना से दिल्ली में वायु प्रदूषण में जबरदस्त इजाफा हुआ है. दिल्ली गैस चैंबर बन गया है. उन्होंने कहा है कि पंजाब सरकार पराली जलाने को लेकर कोई ठोस कदम उठाये.

भगवंत मान ने किया पलटवार: वहीं, दिल्ली के एलजी के पत्र का पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पलटवार किया है. पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ट्वीट किया कि LG साहिब, आप दिल्ली की चुनी हुई सरकार के कामों को रोक रहे हो. रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ, कैंपेन को रोक दिया और मुझे चिट्ठी लिखकर राजनीति कर रहे हो? सीएम मान ने कहा कि इतने गंभीर विषय पर राजनीति ठीक नहीं.

दिल्ली में वायु गुणवत्ता दूसरे दिन भी गंभीर: गौरतलब है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण लगातार दूसरे दिन भी गंभीर श्रेणी में बना रहा. दिल्ली में धुएं की मोटी परत छाई रही. इस कारण शुक्रवार को भी लगातार दूसरे दिन शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया. दोपहर दो बजे एक्यूआई 445 दर्ज किया गया.

दिल्ली की हवा में जहर: दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने प्रदूषण को लेकर कहा कि कई क्षेत्रों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कणों की सांद्रता 600 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर दर्ज की गई, बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली में शनिवार से प्राथमिक स्कूलों को बंद करने की घोषणा कर दी गई. दिल्ली सरकार के 50 फीसदी कर्मचारियों को सोमवार से वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है. 

भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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