Lockdown : बिहार में नहीं थम रहा मजदूरों के आने का सिलसिला, छलका दर्द, बोले- न राशन बचा न पैसा, तो पैदल ही चल पड़े

लॉकडाउन के बावजूद अन्य प्रदेशों सहित बिहार राज्य के अन्य जिलों से भी लोगों के गांव आने-जाने का सिलसिला जारी है. दरभंगा जिले के कमतौल में प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला भी देखने को मिला.
दरभंगा के कमतौल से शिवेन्द्र कुमार शर्मा की रिपोर्ट : लॉकडाउन के बावजूद अन्य प्रदेशों सहित बिहार राज्य के अन्य जिलों से भी लोगों के गांव आने-जाने का सिलसिला जारी है. दरभंगा जिले के कमतौल में प्रवासी मजदूरों के लौटने का सिलसिला भी देखने को मिला. शनिवार को बंगाल से जैसे-तैसे दस दिनों में अहियारी दक्षिणी पहुंचे एक अधेड़ व्यक्ति को गांव के मध्य विद्यालय गोट में क्वारेंटीन कराया गया. मुखिया नागेंद्र शर्मा ने बताया कि इसकी सूचना बीडीओ और स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है. सोमवार को स्वास्थ्य कर्मी आकर उसकी जांच करेंगे.
वहीं, रविवार को दोपहर में कमतौल रेलवे गुमटी के समीप से पीठ पर बैग लादे सात लोगों का झुंड गुजर रहा था. लॉकडाउन में बाहरी लोगों को इस तरह गुजरते देखकर लोगों को आशंका हुई. पूछताछ करने पर उनलोगों ने बताया कि सभी निर्मली के रहने वाले हैं. सीतामढ़ी में काम-धंधा कर गुजर करते थे. कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए देश को लॉकडाउन किया गया. काम धंधा बंद हो गया. एक महीने का समय किसी तरह गुजार दिये. बाद में खाने-पीने और रहने-सहने में भी कठिनाई होने लगी. कई वाहन वालों से संपर्क किया.
मजदूरों ने आगे बताया कि कोई भी ले जाने को तैयार नहीं हुआ. जिसके बाद हम सभी शनिवार को पैदल ही चल पड़े. जनकपुर रोड में रात बितायी. सुबह चलकर यहां तक पहुंचे हैं और अब किसी तरह शाम तक दरभंगा पहुंच जायेंगे. इसके बाद आगे के सफर के बारे में सोचा जायेगा. लॉकडाउन कब हटेगा या नहीं हटेगा मालूम नहीं, पैदल चलकर ही सही परिजनों के पास तो पहुंच जाएंगे.
इधर, रविवार को सीमावर्ती मधुबनी जिला के बिस्फी थाना क्षेत्र के चहुंटा में अहले सुबह मुंबई से एक व्यक्ति के आने की जानकारी मिलते ही गांव में दहशत का माहौल हो गया. लोग आने वाले व्यक्ति को कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताते हुए जल्द से जल्द उसे क्वारेंटीन करवाने को मशक्कत करने लगे. ग्रामीणों ने उसके आने की सूचना मुखिया विजेन्द्र प्रसाद को दिया. मुखिया ने मशक्कत कर कमतौल रेल गुमटी से पूरब पूल के पास से समझा बुझा कर उसे गांव के कन्या मध्य विद्यालय में क्वारेंटीन कराया. तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली.
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मुखिया विजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि सूचना पर बीडीओ अहमर अब्दाली, सीओ प्रभात कुमार, डॉ. रेयाज अहमद स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ पहुंचे थे. नाम, पता नोट कर और पूछताछ कर वापस चले गये. उन्होंने बताया की 13 मार्च को मुंबई जाने की बात कह कर घर से गया था. लेकिन, पूछताछ में समस्तीपुर से आने की बात कह रहा है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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