IAS Officer: इन आइएएस अफसरों ने शेयर की 'बैड' मार्कशीट, लिखा- अंतिम उद्देश्य अंक हासिल करना नहीं

IAS Officer: दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में कम नंबर पाने के बाद भी कड़ी मेहनत करके कईयों ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है. इससे यह सिद्ध होता है कि केवल दसवीं की परीक्षा के नंबर के आधार पर सफल और असफल होने का फैसला नहीं किया जा सकता हैं.
IAS Officer: कहा जाता है कि अंक या ग्रेड आपके जीवन और करियर को तय नहीं करते हैं. बावजूद इसके, अभी भी छात्रों पर अच्छे अंक लाने के लिए दबाव है और खराब स्कोर करने वाले छात्रों को कमजोर श्रेणी में रखा जाता है. जब भी आईएएस अधिकारियों की बात होती है, तो लोगों के मन में यह धारणा रहती है कि वे अपनी कक्षाओं में हमेशा टॉपर रहे होंगे. लेकिन, यह धारणा गलत साबित हुई है.
पिछले कुछ वर्षों में, आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी जैसी कई जानी-मानी हस्तियों ने परीक्षा के अंकों से अधिक प्रतिभा का समर्थन किया है. स्कूल में अपने बच्चों के स्कोर और रैंक के प्रति माता-पिता के जुनून को बदलने के लिए कई IAS अधिकारियों ने अपनी बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट सोशल मीडिया पर शेयर की है. इनमें कुछ के बारे में यहां विस्तार से जानते है.
अंक एक बेंचमार्क नहीं हैं. इसी संदेश के साथ आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने अपनी कक्षा 10 की मार्कशीट साझा की है. उन्होंने उल्लेख किया कि कई छात्रों द्वारा इसे देखने की मांग के बाद वह अपनी कक्षा 10 की मार्कशीट ट्विटर के माध्यम से साझा कर रहे है. उन्हें दसवीं कक्षा में 339/500 नंबर हासिल हुए है. आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने 1997 में जम्मू और कश्मीर राज्य बोर्ड से अपनी कक्षा 10 की परीक्षा उत्तीर्ण की है. उनकी मार्कशीट में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा के लिए उनके द्वारा प्राप्त अंकों को सूचीबद्ध किया गया था. मार्कशीट से पता चला कि उन्हें 100 में अंग्रेजी में 70 अंक, गणित में 55 और विज्ञान में 88 अंक मिले है.
छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने अपनी कक्षा 10वीं की मार्कशीट साझा की है. उन्होंने कुल 700 अंकों में से 314 अंक प्राप्त कर 44.85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. आईएएस अधिकारी अवनीश शरण बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से पास आउट है.
गुजरात के एक आइएएस अधिकारी की बोर्ड के परीक्षा परिणाम की इंटरनेट मीडिया पर मार्कशीट साझा की गई है. भरूच के कलेक्टर तुषार सुमेरा की दसवीं की मार्कशीट शेयर करते हुए लिखा गया है कि उन्हें दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे. उनके 100 में अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंबर आए थे. ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि वह कुछ नहीं कर सकते. इसके बावजूद तुषार सुमेरा 2012 में आइएएस अधिकारी बने. उन्होंने आर्ट्स स्ट्रीम में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले एक स्कूल शिक्षक के रूप में काम किया.
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, नितिन सांगवान ने अपनी कक्षा 12 की मार्कशीट साझा की है. उन्होंने रसायन विज्ञान में 70 में से 24 अंक प्राप्त किए है. उन्हें इस विषय को पास करने के लिए आवश्यक न्यूनतम से केवल एक अंक अधिक मिले. उन्होंने अपनी 12वीं की मार्कशीट साझा करते हुए लिखा, मेरी 12वीं की परीक्षा में मुझे रसायन विज्ञान में 24 अंक मिले, जो पासिंग मार्क्स से सिर्फ 1 अंक ऊपर है. लेकिन, इससे यह तय नहीं हुआ कि मुझे अपने जीवन से क्या चाहिए. उन्होंने अपने संदेश में कहा बच्चों को अंकों के बोझ से मत बांधो. उन्होंने कहा, हमें यह समझने की जरूरत है कि सफलता डिग्री या मार्कशीट पर निर्भर नहीं करती है. शिक्षा का अंतिम उद्देश्य अंक हासिल करना नहीं है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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