भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अहम बनता जा रहा Youtube, लोगों की कमाई ने GDP में किया 10 हजार करोड़ का इजाफा

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 Dec 2022 1:27 PM

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साल 2020 में भारत की जीडीपी में यूट्यूब का योगदान 6800 करोड़ रुपये का था. लेकिन लॉकडाउन के कारण कई लोग यूट्यूब पर जुड़े, इस कारण कमाई के मामले में इस सेक्टर में जोरदार इजाफा हुआ. ऑक्सफोर्ड की एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, अभी जीडीपी में यूट्यूब ने 10 हजार करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया.

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मीडिया में एक खबर चर्चा में है कि यूट्यूब से कमाई कर ब्रिटेन में रहने वाले एक शख्स ने न सिर्फ 40 लाख रुपये का कर्ज चुका दिया. बल्कि अब उसकी जिंदगी भी पूरी तरह से बदल गई है. जी हां, आज के दिन में यूट्यूब रोजगार और कमाई का एक बड़ा जरिया बनता जा रहा है. भारत में इसका आकार और नये नये लोग लगातार जुड़ रहे हैं. लोग यूट्यूब पर वीडियो डालकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. ऑक्सफोर्ड की एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में भारत की जीडीपी में यूट्यूब ने 10 हजार करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया जो देश में साढ़े 7 लाख नौकरियों के बराबर है.

जीडीपी में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का योगदान: यूट्यूब की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूट्यूब ने भारत के जीडीपी में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का योगदान दिया है. यूट्यूब हाल के दिनों में रोजगार का एक बड़ा जरिया बनकर उभरा है. देश में कई लोग  यूट्यूब में वीडियो डालकर लाखों की कमाई कर रहे है. सबसे ज्यादा युवाओं का आकर्षण इस क्षेत्र में बढ़ा है.

गौरतलब है कि हाल के दिनों में खास कर कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में यूट्यूबर्स की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. यूट्यूब के जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 में भारत की जीडीपी में यूट्यूब का योगदान 6800 करोड़ रुपये का था. वहीं, यूट्यूब के जरिये 6,83,900 लोग फुल टाइम जुड़कर जॉब की तरह पैसे कमा रहे हैं. कोरोना काल के लॉकडाउन में यूट्यूब चैनलों की संख्या काफी बढ़ी है.

कमाई का अच्छा जरिया है यूट्यूब: गौरतलब है कि देश में कमाई का यूट्यूब अच्छा जरिया बनता जा रहा है. लोग YouTube पर किसी खास कैटेगरी में वीडियो बनाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. हालांकि, कमाई के लिए आपके चैनल का मॉनिटाइजेशन जरूरी है, लेकिन जब मॉनिटाइजेशन शुरू होने लगता है तो इससे अच्छी खासी कमाई होने लगती है.

एड्स के जरिए होती है तगड़ी कमाई: यूट्यूब पर YouTubers एड्स के जरिए तगड़ी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि आपके यूट्यूब चैनल पर कंपनी ऐड दे. हालांकि जब चैनल मोनेटाइज होने लगता है तो ऐड भी मिलने शुरू हो जाते हैं. दरअसल, वीडियो के बीच में दिखने वाला ऐड से क्रिएटर को पैसे मिलते हैं. 

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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