आरोग्य सेतु एप के बिना ट्रेनों में चढ़ने की नहीं मिलेगी इजाजत, यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाये ये कदम

Updated at : 12 May 2020 7:49 PM (IST)
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आरोग्य सेतु एप के बिना ट्रेनों में चढ़ने की नहीं मिलेगी इजाजत, यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाये ये कदम

अगर आप लॉकडाउन में या फिर इसके बाद घर वापसी के लिए ट्रेनों से सफर करने जा रहे हैं, तो आपके मोबाइल में आरोग्य सेतु एप का होना बेहद जरूरी है. यदि आपके मोबाइल में यह एप डाउनलोड नहीं होगा, तब आपको ट्रेनों में चढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

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नयी दिल्ली : अगर आप लॉकडाउन में या फिर इसके बाद घर वापसी के लिए ट्रेनों से सफर करने जा रहे हैं, तो आपके मोबाइल में आरोग्य सेतु एप का होना बेहद जरूरी है. यदि आपके मोबाइल में यह एप डाउनलोड नहीं होगा, तब आपको ट्रेनों में चढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. भारतीय रेलवे ने मंगलवार से शुरू हो रही विशेष यात्री ट्रेनों में यात्रा के लिए ‘आरोग्य सेतु एप’ को मोबाइल फोन में डाउनलोड करना ‘अनिवार्य’ कर दिया है. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह के ‘अपवाद’ पर निर्णय मामला दर मामला लिया जाएगा, लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि जिन यात्रियों के फोन में एप डाउनलोड नहीं रहेगा, उन्हें ट्रेन में चढ़ने नहीं दिया जाएगा.

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रेलवे ने दिल्ली से बड़े शहरों के बीच 15 जोड़ी विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की थी, जिसके यात्रा दिशानिर्देश में इस एप को फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य नहीं था, लेकिन सोमवार की आधी रात को रेल मंत्रालय ने एक ट्वीट कर इसके अनिवार्य होने की जानकारी दी. ट्वीट में कहा गया है कि भारतीय रेलवे कुछ यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने जा रही है. यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों के लिए फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा.

इस्तेमाल के लिए सहायता पहुंचाएगा रेलवे : रेलवे प्रवक्ता आरडी वाजपेयी ने यात्रा के लिए एप अनिवार्य होने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि जब ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए मोबाइल फोन आवश्यक है, तो सभी यात्रियों के पास यात्रा के दौरान भी मोबाइल फोन मौजूद होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यात्रियों को अपने फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के बाद स्टेशन आना चाहिए और यह यात्रा के लिए अनिवार्य है. रेलवे ने इसे अनिवार्य कर दिया है और यात्रियों को अपनी सुरक्षा के लिए इसे डाउनलोड करना चाहिए. जब सभी यात्रियों के पास मोबाइल फोन होगा, तो यह कोई मुद्दे की बात नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, हम यात्रियों को इसका इस्तेमाल करने के लिए सहायता भी पहुंचाएंगे.

श्रमिकों के लिए विशेष ट्रेनों में अनिवार्य नहीं : अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, अगर किसी यात्री के पास फोन नहीं होगा, तो ‘मामला दर मामला’ इस पर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसकी संभावना कम ही है कि राजधानी ट्रेन से यात्रा करने वाले के पास फोन नहीं हो. वाजपेयी ने कहा कि हमने इस एप को श्रमिकों के लिए चलायी जा रही विशेष ट्रेन में अनिवार्य नहीं किया है.

पिछले महीने सरकार ने किया था लॉन्च : सूत्रों ने बताया कि सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रियों की बैठक होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक औपचारिक संदेश में इसे अनिवार्य बना दिया. अधिकारियों ने कहा कि जिन यात्रियों के फोन में यह एप नहीं होगा, उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद इसे डाउनलोड करने के लिए कहा जा सकता है. पिछले महीने सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से बनाये गये इस एप को लॉन्च किया था. इसका लक्ष्य कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकना है.

आईवीआरएस के जरिये जुड़ते हैं फीचर फोन और लैंडलाइन यूजर्स : हाल तक सिर्फ स्मार्टफोन वाले यूजर्स ही इस एप का इस्तेमाल करके यह जान सकते थे कि कहीं वह अनजाने में कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आ गये. बहरहाल, सरकार द्वारा आरोग्य सेतु इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम (आईवीआरएस) के जरिये फीचर फोन और लैंडलाइन को भी इसमें शामिल कर लिया गया है. टोल-फ्री सेवा के रूप में आईवीआरएस देश के हर हिस्से में उपलब्ध है.

1921 पर मिस्ड कॉल देने पर पूछ जाते हैं कुछ सवाल : फीचर और लैंडलाइन यूजर्स 1921 नंबर पर मिस्ड कॉल देंगे, जिसके बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी पूछे जाने संबंधी कॉल आएगी. पूछे जाने वाले सवाल आरोग्य सेतु एप से जुड़े हैं और कॉलर की प्रतिक्रियाओं पर आधारित हैं. कॉलर को इसके बाद उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिलेगी और उनके पास अलर्ट भी आएंगे. सरकार ने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी आरोग्य सेतु ऐप डेटाबेस का हिस्सा होगा. मिली जानकारी का इस्तेमाल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलर्ट भेजने के लिए किया जाएगा.

अब तक 9.8 करोड़ लोगों ने किया है डाउनलोड : आरोग्य सेतु एप को अब तक 9.8 करोड़ स्मार्टफोन में डाउनलोड किया जा चुका है. इसका इस्तेमाल सरकार द्वारा संक्रमण के मामलों में संपर्क का पता लगाने और यूजर्स को चिकित्सकीय सलाह देने में किया जा रहा है. गृह मंत्रालय ने कोविड-19 संक्रमण की अधिकता वाले क्षेत्र में रहने वालों के लिए इस ऐप को डाउनलोड करना जरूरी बताया है. हालांकि, कई ग्रुप्स ने एप के इस्तेमाल को लेकर निजता के संबंध में चिंताएं व्यक्त की हैं, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया है.

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