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Us Tarrif: भारत पर अभी नहीं टूटी अमेरिका की टैरिफ मार, 1 अगस्त के बाद लग सकता है बड़ा झटका

Updated at : 10 Jul 2025 7:17 AM (IST)
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Us Tarrif: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन ने हाल ही में लगभग 20 देशों को सीमा शुल्क बढ़ाने की सूचना देते हुए आधिकारिक पत्र भेजे हैं. मंगलवार को 14 देशों को और बुधवार को 6 अन्य देशों को. ऐसे नोटिस जारी किए गए.

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Us Tarrif: अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच भारत को एक बड़ी राहत मिली है. अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी हालिया शुल्क वृद्धि नोटिस की सूची में अभी तक भारत का नाम शामिल नहीं किया गया है. यह संकेत है कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापारिक रिश्तों में थोड़ी नरमी आ सकती है.

अब तक 20 देशों को भेजे गए शुल्क नोटिस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में प्रशासन ने हाल ही में लगभग 20 देशों को सीमा शुल्क बढ़ाने की सूचना देते हुए आधिकारिक पत्र भेजे हैं. मंगलवार को 14 देशों को और बुधवार को 6 अन्य देशों को. ऐसे नोटिस जारी किए गए. इन पत्रों में यह स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका में 1 अगस्त से प्रवेश करने वाले इन देशों के उत्पादों पर बढ़े हुए शुल्क लागू होंगे.

सूची में शामिल प्रमुख देश

  • बांग्लादेश
  • इंडोनेशिया
  • जापान
  • दक्षिण कोरिया
  • मलेशिया
  • थाईलैंड
  • दक्षिण अफ्रीका
  • कंबोडिया
  • सर्बिया
  • ट्यूनीशिया
  • कजाकिस्तान
  • बोस्निया एवं हर्जेगोविना
  • लाओस आदि.

भारत पर अप्रैल में लगाया गया था 26% अतिरिक्त शुल्क

ट्रंप प्रशासन ने 2 अप्रैल को भारत से आयातित कुछ उत्पादों पर 26% अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाने की घोषणा की थी. हालांकि, इसे पहले 90 दिनों के लिए (9 जुलाई तक) टाल दिया गया था. अब इसे एक बार फिर 1 अगस्त तक स्थगित कर दिया गया है.

क्या अभी कोई शुल्क लागू है?

हां, मूल 10% आयात शुल्क अभी भी लागू है, लेकिन अतिरिक्त शुल्क फिलहाल प्रभाव में नहीं आया है.

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का असर

भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. इस वार्ता के सकारात्मक संकेतों के चलते अमेरिका ने संभवतः भारत को अभी शुल्क वृद्धि सूची से बाहर रखा है. यह स्थिति भारतीय निर्यातकों के लिए फिलहाल राहतकारी है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और आईटी सेक्टर के लिए, जिनका बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजारों में जाता है.

ट्रंप के “अमेरिका फर्स्ट” रवैये को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि भारत कब तक इस सूची से बाहर रह सकेगा. हालांकि, अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता यदि सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो यह स्थायी राहत में बदल सकती है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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