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गलवान में 20 सैनिकों की शहादत के बाद 3,000 चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए देशव्यापी आंदोलन करेगा कैट

By KumarVishwat Sen
Updated Date
कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल.
कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल.
प्रतीकात्मक फोटो.

नयी दिल्ली : पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने प्रसाधन सामग्री, बैग, खिलौने, फर्नीचर, जूते, घड़ियां समेत 450 कैटेगरी के चीनी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की है. गुरुवार को कैट ने कहा कि चीनी के उत्पादों का पूरे देश में बहिष्कार किया जाएगा.

इसके साथ ही, व्यापारियों के संगठन कैट ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय सैनिकों पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है. संगठन ने कहा कि ने कहा कि उसने चीनी सामानों का बहिष्कार करने के लिए अपने राष्ट्रव्यापी अभियान को आक्रामक तरीके से संचालित करने का फैसला किया है. व्यापारियों के संगठन ने इसके पहले मंगलवार को ही चीनी उत्पादों की 450 से अधिक श्रेणियों की सूची जारी कर दी है. उसने इसमें करीब 3,000 से अधिक चीनी उत्पादों को बहिष्कार के लिए शामिल किया है.

कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि चीन के साथ निरंतर सीमा झड़पों के मद्देनजर उनके संगठन ने चीनी सामानों के बहिष्कार को लेकर देशव्यापी आंदोलन चलाने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि चीनी उत्पादों के बहिष्कार के लिए उनके संगठन की ओर से बीते 10 जून से ही 'भारतीय सामान-हमारा अभिमान’ के तहत अभियान शुरू कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि अभियान को आगे बढ़ाते हुए कैट ने आज चीनी वस्तुओं के बहिष्कार और भारतीय वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 450 से अधिक श्रेणियों में चीनी उत्पादों एक विस्तृत सूची जारी की है.

खंडेलवाल ने कहा कि कैट के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के रूप में देश भर में 200 शीर्ष व्यापारी और प्रदेशों में अध्यक्ष भी हैं. इसके अलावा, हमारे पास 40,000 ट्रेडर्स एसोसिएशन और 7 करोड़ व्यापारियों का एक नेटवर्क है और हम इस संदेश और सूची को कार्रवाई के लिए उन सभी को प्रसारित करेंगे. हम उन वस्तुओं के निर्माण के लिए सरकार के लिए एक प्रस्ताव भी तैयार कर रहे हैं, जिनके लिए हमें चीन पर निर्भर रहना पड़ता है.

इसके साथ ही, कैट ने इस मसले को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के सामने उठाने का भी फैसला किया है. खंडेलवाल ने कहा कि हम सरकार से उन वस्तुओं के निर्माण के लिए छोटे पैमाने के उद्योगों, स्टार्ट-अप और देश के अन्य उद्यमियों को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का भी आग्रह करेंगे, जो वर्तमान में उन उत्पादों की सूची में शामिल नहीं हैं, जिनका हम बहिष्कार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दिसंबर 2021 तक भारत में सालाना करीब एक लाख करोड़ रुपये के चीनी उत्पादों के आयात पर विराम लगाना है.

Posted By : Vishwat Sen

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