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GST फ्रॉड करने वालों की अब नहीं होगी खैर, शिकंजा कसने के लिए सख्ती बरत रही मोदी सरकार

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
जीएसटी फ्रॉड पर सरकार सख्त.
जीएसटी फ्रॉड पर सरकार सख्त.
प्रतीकात्मक फोटो.

GST Fraud : वस्तु एवं सेवा कर (GST) में धोखाधड़ी करने वालों की अब खैर नहीं है. जीएसटी भुगतान में धोखाधड़ी करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र की मोदी सरकार सख्ती बढ़ाने जा रही है. खबर यह भी है कि जीएसटी धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए कमोदी सरकार आयकर विभाग की मदद भी ले रही है.

वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार ने आयकर विभाग की मदद से जीएसटी में धोखाधड़ी करने वाले करीब 7 हजार कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है. उन्होंने बताया कि सरकार की इस कार्रवाई में करीब 187 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

सख्त कदम से बढ़ा सरकार का राजस्व

वित्त सचिव पांडेय ने बताया कि जीएसटी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई से सरकार के कर राजस्व में तेजी से सुधार आया है. सरकार को दिसंबर 2020 में 1.15 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी हासिल हुआ है. यह राशि किसी एक महीने में अब तक का सबसे ज्‍यादा जीएसटी संग्रह है. इसके लिए कर चोरों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई और अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार को मुख्य वजह माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ महीने के दौरान जीएसटी के फर्जी बिल के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के चलते पांच चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक कंपनी सचिव सहित कुल 187 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

गिरफ्तार लोगों में कई एमडी भी शामिल

पांडेय ने बताया कि जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई 40-50 दिन से जेल में हैं. इनमें कुछ प्रबंध निदेशक भी शामिल हैं. कार्रवाई की जद में कुछ बड़ी कंपनियां भी हैं, जो कई स्तरीय लेनदेन के जरिये फर्जी बिल के घोटाले में शामिल पाई गई हैं. ये कंपनियां जीएसटी और आयकर की चोरी कर रही थीं. इसलिए उनके खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं.

7,000 टैक्स चोरों के खिलाफ कार्रवाई

उन्‍होंने कहा कि हमने 1.20 करोड़ के कर आधार में से 7,000 कर चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है. इस लिहाज से हमारी सफलता की दर काफी ऊंची है. ये कार्रवाई आयकर विभाग, सीमा शुल्क इकाई, एफआईयू, जीएसटी डिपार्टमेंट और बैंकों से मिली जानकारी के आधार पर की गई है.

अप्रैल 2021 से बी2बी ट्रांजेक्शन पर ई-चालान जरूरी

अजय भूषण पांडेय ने कहा कि 1 अप्रैल 2021 से पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले सभी बी2बी लेनदेन पर ई-चालान को अनिवार्य कर दिया जाएगा. इससे पहले 1 अक्‍टूबर 2020 से 500 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार करने वाली कारोबारियों के लिए ई-बिल अनिवार्य किया गया, जबकि 1 जनवरी से 100 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार करने वाली इकाइयों के लिए इसे अनिवार्य बनाया गया.

टार्गेट पर मुखौटा कंपनी

पांडेय ने कहा कि इस प्रावधान के जरिये मुखौटा कंपनियों को लक्ष्य बनाया गया है. हमने कई ऐसी मुखौटा कंपनियों का पता लगाया है, जो करोड़ों रुपये के फर्जी बिल जारी करती हैं और कोई आयकर नहीं देती हैं. ये कंपनियां पूरी देनदारी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिये चुका रही हैं.

Posted By : Vishwat Sen

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