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SEBI ने सरकार को Vodafone Idea के शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर से दी छूट, जानें पूरी डिटेल

Updated at : 03 Apr 2025 11:07 PM (IST)
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Vodafone Idea

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Vodafone Idea: सेबी ने वोडाफोन आइडिया में सरकार को 49% हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी दी और शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश से छूट दी. स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने के बाद यह फैसला लिया गया. सरकार का प्रबंधन में दखल नहीं होगा, जिससे वीआईएल की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और दूरसंचार सेवाएं बेहतर होंगी.

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Vodafone Idea: भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने गुरुवार को Vodafone Idea Limited (VIL) के शेयरधारकों के लिए सरकार को खुली पेशकश (Open Offer) से छूट दे दी है. यह छूट सरकार की ओर से स्पेक्ट्रम बकाया के बदले इक्विटी कन्वर्जन के बाद 34% से अधिक हिस्सेदारी हासिल करने के प्रस्ताव पर दी गई है.

SEBI के फैसले का क्या मतलब है?

SEBI के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने आदेश में कहा कि भारत सरकार द्वारा Vodafone Idea में हिस्सेदारी बढ़ाना सार्वजनिक हित में है. सरकार का उद्देश्य VIL को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना और देश में दूरसंचार सेवाओं को बनाए रखना है.

Vodafone Idea में सरकार की हिस्सेदारी होगी 49%

वर्तमान में सरकार के पास Vodafone Idea में 22.6% हिस्सेदारी है, जो इस निर्णय के बाद बढ़कर लगभग 49% हो जाएगी. इससे कंपनी को अपने वित्तीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी और ग्राहकों को बेहतर नेटवर्क सेवा जारी रखने में सहूलियत मिलेगी.

खुली पेशकश से छूट क्यों दी गई?

आम तौर पर किसी सूचीबद्ध कंपनी में 25% या उससे अधिक हिस्सेदारी हासिल करने वाली संस्था को शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश करनी होती है. लेकिन, SEBI ने सरकार को इससे छूट दी है. इसके पीछे कई कारण हैं.

  • सरकार के इस अधिग्रहण का उद्देश्य VIL के वित्तीय संकट को दूर करना है.
  • सरकार का प्रबंधन या बोर्ड में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है.
  • VIL के पास सरकार को बकाया राशि चुकाने की जिम्मेदारी है, जिससे उसके वित्तीय हालात प्रभावित हो सकते हैं.
  • सरकार यदि खुली पेशकश लाती तो बड़ी नकदी निकासी होती, जिससे दूरसंचार क्षेत्र पर असर पड़ सकता था.

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Vodafone Idea को कैसे फायदा होगा?

  • 36,950 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम बकाया इक्विटी में बदला गया, जिससे कंपनी को राहत मिलेगी.
  • निवेशकों को फायदा होगा क्योंकि सरकार की हिस्सेदारी पब्लिक इन्वेस्टमेंट की तरह देखी जाएगी.
  • कंपनी को फंडिंग जुटाने और सेवाएं सुधारने में मदद मिलेगी.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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