बड़ी राहत : एसबीआई के ग्राहक बिना ब्रांच गए भी अपडेट कर सकेंगे KYC, बस घर बैठे आपको करना होगा ये जरूरी काम

सबसे बड़े कर्जदाता बैंक की ओर से जारी एक निर्देश में कहा गया है कि केवाईसी अपडेट करने के लिए किसी अकाउंट होल्डर को ब्रांच बुलाने की जरूरत है. इसके साथ ही, बैंक ने यह भी कहा कि आगामी 31 मई 2021 तक ग्राहक स्पीड पोस्ट या ईमेल के जरिए अपने केवाईसी को अपडेट कर सकते हैं. अंतिम तारीख से पहले केवाईसी अपडेट नहीं करने की स्थिति में ग्राहकों के खातों को फ्रीज भी किया जा सकता है.
SBI KYC update : देश में भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई के ग्राहकों के लिए इस कोरोना काल में एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर है. बैंक के लाखों ग्राहकों को अब अपना केवाईसी अपडेट कराने के लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे घर बैठे बड़ी ही आसानी से इस काम को पूरा कर सकते हैं.
सबसे बड़े कर्जदाता बैंक की ओर से जारी एक निर्देश में कहा गया है कि केवाईसी अपडेट करने के लिए किसी अकाउंट होल्डर को ब्रांच बुलाने की जरूरत है. इसके साथ ही, बैंक ने यह भी कहा कि आगामी 31 मई 2021 तक ग्राहक स्पीड पोस्ट या ईमेल के जरिए अपने केवाईसी को अपडेट कर सकते हैं. अंतिम तारीख से पहले केवाईसी अपडेट नहीं करने की स्थिति में ग्राहकों के खातों को फ्रीज भी किया जा सकता है.
एसबीआई ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी है कि कोविड-19 महामारी के कारण देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन लगा हुआ है, जिसके चलते बैंक ने यह फैसला किया है कि ग्राहक का केवाईसी अपडेट स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड ईमेले के जरिए किया जाए. ग्राहकों को केवाईसी अपडेट करने के लिए बैंक आने की जरूरत नहीं है.
इसके साथ ही, बैंक ने ग्राहकों को यह चेतावनी भी दी है कि ग्राहकों द्वारा केवाईसी अपडेट नहीं कराने की स्थिति में उनके अकाउंट से ट्रांजेक्शन पर रोक लगाई जा सकती है. आरबीआई के नियमों के अनुसार, बैंकों को निश्चित समय के बाद अपने केवाईसी को अपडेट कराना आवश्यक है.
आम तौर पर देश का कोई भी बैंक लो रिस्क वाले ग्राहकों को प्रत्येक 10 साल पर केवाईसी अपडेट करने को कहता है. इसके साथ ही, मीडियम रिस्क वाले ग्राहकों को करीब 8 साल पर केवाईसी अपडेट कराना पड़ता है, जबकि हाई रिस्क वाले ग्राहकों को प्रत्येक दो साल पर केवाईसी अपडेट करना पड़ता है. यह कैटेगरी वैल्यू और ट्रांजेक्शन के आधार पर तय किया जाता है.
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अकाउंट होल्डर अगर नाबालिग है और उसकी उम्र 10 साल से कम है, तो उन्हें केवाईसी अपडेट करने के लिए केवल आईडी प्रूफ देने की जरूरत पड़ेगी.
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अगर नाबालिग खुद अकाउंट ऑपरेट कर रहा है, तो उस स्थिति में व्यक्ति की पहचान या घर के पते के वेरिफेशन की प्रक्रिया दूसरे सामान्य केस के समान होगी.
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एनआरआई को अपना पासपोर्ट या रेजीडेंस वीजा कॉपी देना पड़ेगा. रेजीडेंस वीजा को फॉरेन ऑफिसर्स, नोटरी, इंडियन एम्बेसी, संबंधित बैंक के ऑफिसर द्वारा वारिफाई होना चाहिए.
Posted by : Vishwat Sen
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