31 मार्च तक निपटाएं ये 3 जरूरी काम, वरना कटेगी ज्यादा सैलरी और लगेगी पेनाल्टी

सांकेतिक तस्वीर(फोटो/Canva)
Rules Change: वित्त वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल 2 दिन शेष हैं. 31 मार्च तक PPF, NPS और सुकन्या खातों में न्यूनतम बैलेंस जमा करना अनिवार्य है.
Rules Change: आज 30 मार्च है और चालू वित्त वर्ष (2025-26) को समाप्त होने में अब केवल 48 घंटे बचे हैं. 31 मार्च की समय सीमा (Deadline) के बाद कई वित्तीय लाभ और टैक्स छूट के अवसर हाथ से निकल सकते हैं. आपकी रिपोर्ट के आधार पर उन 3 महत्वपूर्ण कामों को जिन्हें आपको कल रात 12 बजे से पहले पूरा कर लेना चाहिए.
सरकारी स्कीम्स को एक्टिव रखें
- PPF, NPS और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसी बचत योजनाओं को सक्रिय रखने के लिए हर साल एक न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है.
- क्यों है जरूरी: यदि आप न्यूनतम राशि (जैसे PPF के लिए ₹500) जमा नहीं करते हैं, तो आपका खाता ‘डिस्कंटीन्यू’ या बंद हो जाएगा. इसे दोबारा शुरू करने के लिए आपको बैंक के चक्कर काटने होंगे और पेनाल्टी (जुर्माना) भी भरनी पड़ेगी.
| स्कीम | मुख्य उद्देश्य | न्यूनतम निवेश | ब्याज दर |
|---|---|---|---|
| PPF | सुरक्षित फिक्स्ड रिटर्न | ₹500 | 7.1% |
| NPS | रिटायरमेंट और पेंशन | ₹1000 | 9% – 12% |
| SSY | बेटी का भविष्य | ₹250 | 8.2% |
पुरानी टैक्स रिजीम: सेविंग का आखिरी मौका
- यदि आप पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) का विकल्प चुन रहे हैं, तो टैक्स छूट का लाभ लेने के लिए निवेश करने का कल आखिरी दिन है.
- सेक्शन 80C: इसके तहत ₹1.5 लाख तक की छूट पाने के लिए आप PPF, ELSS, या लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं.
- सेक्शन 80D: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और माता-पिता के मेडिकल खर्चों पर ₹1 लाख तक की अतिरिक्त छूट का लाभ उठाया जा सकता है. याद रखें, 1 अप्रैल या उसके बाद किया गया निवेश अगले वित्त वर्ष (2026-27) में गिना जाएगा.
सैलरी क्लास के लिए ‘इन्वेस्टमेंट प्रूफ’ है जरूरी
- नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य है. यदि आपने अभी तक अपने कार्यालय (HR/Finance) में निवेश के प्रमाण जमा नहीं किए हैं, तो आपकी मार्च की सैलरी से भारी TDS काटा जा सकता है.
- क्या जमा करें: घर के किराए की रसीदें (HRA के लिए), एलआईसी/बीमा प्रीमियम की रसीद, बच्चों की ट्यूशन फीस की रसीद और होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट.
- नुकसान: यदि आप प्रूफ देने में चूक जाते हैं, तो कंपनी आपकी आखिरी सैलरी से ज्यादा टैक्स काट लेगी. इस अतिरिक्त टैक्स को वापस पाने के लिए आपको अगले साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने तक का इंतजार करना होगा.
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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