मार्च में 3.4% पहुंची रिटेल महंगाई; ‘डिजिटल’ खर्चों ने बढ़ाया बोझ, खाने-पीने की चीजों ने बिगाड़ा बजट

Inflation Rate: मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% हो गई है, जिसका मुख्य कारण फूड और पर्सनल केयर उत्पादों की कीमतों में वृद्धि है.
Inflation Rate: भारत में महंगाई की गणना अब आधुनिक हो चुकी है. नए फॉर्मूले और 2024 को बेस ईयर मानकर जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, फरवरी (3.21%) के मुकाबले मार्च में महंगाई में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘फूड इन्फ्लेशन’ (3.71%) और पर्सनल केयर सामानों की कीमतों में आई भारी तेजी का है.
महंगाई रेट में OTT और डिजिटल स्टोरेज शामिल
सरकार ने महंगाई नापने के ‘बास्केट’ को अपडेट किया है ताकि यह 2026 की असलियत दिखा सके:
- क्या हटा: पुराने जमाने के वीसीआर, वीडियो और ऑडियो कैसेट अब इस लिस्ट से बाहर हैं.
- क्या जुड़ा: अब आपके OTT सब्सक्रिप्शन (Netflix, Hotstar) और डिजिटल क्लाउड स्टोरेज के खर्च भी यह तय करते हैं कि देश में महंगाई कितनी है.
- वेटेज में बदलाव: खाने-पीने की चीजों का महत्व (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि आवास और बिजली-गैस के खर्चों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है.
सेक्टर के अनुसार महंगाई का हाल
| सेक्टर | महंगाई दर (%) | प्रभाव |
| पर्सनल केयर और अन्य सामान | 18.65% | सबसे ज्यादा असर जेब पर। |
| खाद्य और पेय पदार्थ | 3.71% | थाली हुई महंगी। |
| शिक्षा सेवाएं | 3.30% | पढ़ाई का खर्च बढ़ा। |
| स्वास्थ्य (Health) | 1.75% | मध्यम बढ़ोत्तरी। |
| ट्रांसपोर्ट | 0.00% | फिलहाल स्थिर। |
आलू ने रुलाया, प्याज ने राहत दी
मार्च के महीने में सब्जियों के दाम में अजीब विरोधाभास दिखा. जहां आलू की कीमतों में भारी उछाल आया, वहीं प्याज और लहसुन की कीमतों में गिरावट ने रसोई के बजट को थोड़ा संतुलित रखा.
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर रहा है. यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले महीनों में ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग लागत को बढ़ाकर महंगाई को 4% के पार ले जा सकती हैं.
Also Read : आज आपके शहर में क्या हैं पेट्रोल-डीजल के भाव ?जानें आज के ताजा रेट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










