Republic Day 2025: भारत का वह कोना, जहां संविधान आज भी लागू नहीं है, लोग अपने कानून मानते हैं

Republic Day 2025: हिमाचल प्रदेश के मलाणा गांव के लोग आज भी अपने खुद के कानून का पालन करते हैं. यहां गांव की अपनी न्यायपालिका और संसद मौजूद है. गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन खास जगहों के बारे में जानिए, जहां भारतीय संविधान लागू नहीं होता
Republic Day 2025: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, जो भारतीय संविधान के लागू होने का प्रतीक है. लेकिन हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित एक छोटा सा गांव मलाणा भारतीय संविधान और सामान्य भारतीय कानून व्यवस्था से बिल्कुल अलग अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है. यह गांव देश का हिस्सा होते हुए भी अपने प्राचीन परंपराओं और खुद के कानूनों का पालन करता है.
मलाणा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
मलाणा गांव को “प्राचीन लोकतंत्र का गांव” भी कहा जाता है. यहां के लोग खुद को सिकंदर महान के सैनिकों का वंशज मानते हैं. यह गांव हज़ारों वर्षों से अपनी स्वतंत्रता और स्वायत्तता का दावा करता आया है. यहां के निवासी “जमुलू ऋषि” को अपना कानून निर्माता मानते हैं और उनके बनाए नियमों का पालन करते हैं.
मलाणा का संविधान और न्याय प्रणाली
मलाणा गांव की सबसे अनोखी बात इसकी स्वायत्त न्याय व्यवस्था है. यहां की न्याय प्रणाली को दो सदनों में बांटा गया है:
- ज्योष्ठांग (ऊपरी सदन): इसमें 11 सदस्य होते हैं. इनमें से तीन स्थायी सदस्य होते हैं—कारदार, गुरु, और पुजारी. बाकी के आठ सदस्यों का चुनाव गांव के लोग करते हैं.
- कनिष्ठांग (निचला सदन): इस सदन में गांव के प्रत्येक घर से एक प्रतिनिधि शामिल होता है.
गांव के सभी निर्णय ऐतिहासिक चौपाल में लिए जाते हैं, जिसे मलाणा का संसद भवन माना जाता है. यहां विवादों का निपटारा और अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं.
जमुलू ऋषि का प्रभाव
मलाणा के लोग जमुलू ऋषि को अपना कानून निर्माता और देवता मानते हैं. गांव के सभी नियम और परंपराएं उन्हीं की शिक्षाओं पर आधारित हैं. उनका प्रभाव इतना गहरा है कि गांववाले बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते.
Also Read : PM Kisan Samman Nidhi Yojana : जानें कब आएगी 19वीं किस्त और कैसे करें लाभार्थी सूची की जांच
मलाणा के विशेष नियम
मलाणा गांव में कुछ विशेष नियम लागू हैं:
- बाहरी लोग गांव की दीवारों को छू नहीं सकते, और यदि कोई ऐसा करता है, तो उसे जुर्माना देना पड़ता है.
- पर्यटकों को गांव के भीतर ठहरने की अनुमति नहीं है. वे गांव के बाहर टेंट लगाकर रुकते हैं.
- गांव में बाहरी लोगों और स्थानीय निवासियों के बीच न्यूनतम संपर्क बनाए रखने के लिए सख्त प्रोटोकॉल हैं.
गांव की अनोखी संस्कृति
मलाणा की प्रशासनिक संरचना और अनोखी परंपराएं इसे बाकी भारत से अलग बनाती हैं. यह स्थान “प्राचीन लोकतंत्र का गांव” कहलाता है, क्योंकि यहां के लोग अपने मतों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन में भाग लेते हैं.
Also Read : Mamta Kulkarni Net Worth: जानिए कितनी संपत्ति की मालिक हैं ममता कुलकर्णी, कुंभ में संन्यास लेकर सबको चौंकाया
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










