RBI Tokenization: क्रेडिट-डेबिट कार्ड को Token बनाना क्यों है जरूरी? क्या हैं इसके फायदे

Published by :Rajeev Kumar
Published at :29 Sep 2022 4:24 PM (IST)
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RBI Tokenization: क्रेडिट-डेबिट कार्ड को Token बनाना क्यों है जरूरी? क्या हैं इसके फायदे

RBI Tokenisation Rule: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते ट्रांजैक्शन में हो रहे फ्रॉड की रोकथाम के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड के टोकनाइजेशन को लेकर निर्देश दिये हैं.

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RBI Tokenisation, Rules Changing From 1st October 2022: अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग या डिजिटल पेमेंट के रूप में क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिये पेमेंट करते हैं, तो इसका तरीका बदलने जा रहा है. दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते ट्रांजैक्शन में हो रहे फ्रॉड की रोकथाम के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड के टोकनाइजेशन को लेकर निर्देश दिये हैं. आगामी एक अक्टूबर से टोकनाइजेशन संबंधी नियम लागू होनेवाला है. इसके बाद, एक ओर जहां ग्राहकों को बार-बार कार्ड की डीटेल्स भरने से मुक्ति मिल जाएगी, वहीं दूसरी ओर, डेबिट-क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. इससे डिजिटल भुगतान बढ़ने भी की उम्मीद है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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