RBI Repo Rate: चालू वित्त वर्ष में पहली बार ब्याज दर पेश करेंगे गवर्नर संजय मल्होत्रा, जानें क्या हो सकता है फैसला

Updated:
विज्ञापन

RBI Governor Sanjay Malhotra

RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​बुधवार को पहली बार मौद्रिक नीति की घोषणा करेंगे. विशेषज्ञों को उम्मीद है कि रेपो रेट में 0.25% की कटौती हो सकती है. महंगाई में नरमी और आर्थिक गति बढ़ाने की जरूरत को देखते हुए यह फैसला संभावित है. यह कदम रियल एस्टेट और कर्जधारकों के लिए राहत भरा हो सकता है.

विज्ञापन

RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बुधवार को मौजूदा वित्त वर्ष 2025 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा. इस बार खास बात यह है कि नए गवर्नर संजय मल्होत्रा पहली बार मौद्रिक नीति की अध्यक्षता कर रहे हैं और ब्याज दरों का ऐलान करने जा रहे हैं. यह निर्णय सुबह 10:00 बजे घोषित किया जाएगा, जिसकी जानकारी आरबीआई ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की है.

विज्ञापन

रेपो रेट में कटौती की उम्मीद

विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार RBI रेपो रेट (RBI Repo Rate) में 0.25% की कटौती कर सकता है. फरवरी में भी आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25% घटाकर 6.25% किया था, जो मई 2020 के बाद पहली कटौती थी. ऐसे में यदि अप्रैल में फिर कटौती होती है, तो यह लगातार दूसरी बार होगा, जब केंद्रीय बैंक ने महंगाई में नरमी और वैश्विक आर्थिक सुस्ती को देखते हुए राहत दी हो.

क्यों जरूरी है रेपो रेट में कटौती?

एचएसबीसी ग्लोबल रिसर्च और गोल्डमैन सैक्स जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घरेलू गतिविधियों में हाल की सुस्ती, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और डॉलर इंडेक्स (DXY) में कमजोरी ने RBI को दरों में राहत देन��� के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया है. इसके अलावा, चालू वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ नीतियों का प्रभाव भी चिंता का विषय बना हुआ है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने की जरूरत महसूस की जा रही है.

रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें

एमआरजी ग्रुप के एमडी रजत गोयल ने कहा है कि RBI की यह बैठक रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद अहम है. उनका कहना है कि बीते महीनों में महंगाई दर में आई गिरावट को देखते हुए रेपो रेट में कटौती पूरी तरह से जायज है. इससे होम लोन और रियल एस्टेट की मांग को बल मिलेगा.

इसे भी पढ़ें: FDI रिस्ट्रिक्टेड कंपनियां भी विदेशी निवेशकों जारी कर सकती हैं Bonus Share, ये है शर्त

क्या असर होगा?

यदि RBI रेपो रेट में कटौती करता है, तो इससे होम लोन, कार लोन और बिजनेस लोन सस्ते हो सकते हैं. इसके साथ ही, यह उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी.

इसे भी पढ़ें: आधा भारत नहीं जानता BATA किस देश की कंपनी है? जान जाएगा को घर में लगा देगा जूते-चप्पलों की लाइन

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola