मसाले-दवाइयां-डायमंड्स पर 0 ड्यूटी, पीयूष गोयल ने बताए डील के फायदे

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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया

India-US trade deal: सरकार ने साफ किया कि भारत ने अमेरिका को डेयरी या संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी है. इनमें मीट, पोल्ट्री, सोयाबीन, मकई, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, ग्रीन टी, इथेनॉल, तंबाकू और अन्य एग्री-आधारित उत्पाद शामिल हैं.

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India-US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी होने के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने शनिवार को विस्तार से बताया कि अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू करने का फैसला किया है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत ने कृषि और डेयरी से जुड़े उत्पादों पर किसी तरह की रियायत नहीं दी है, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें.

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इन उत्पादों पर अमेरिका ने लगाया ‘0’ ड्यूटी

  • जेम्स और डायमंड, फार्मास्यूटिकल उत्पाद, स्मार्टफोन
  • मसाले, चाय, कॉफी, नारियल और नारियल तेल, वेजिटेबल ऑयल
  • काजू, विभिन्न फल और सब्जियां
  • केला, आम, अनानास, मशरूम और सब्जियों की जड़ें
  • कोको और उससे बने उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड जैसे अमरूद जैम
  • एयरक्राफ्ट और मशीनरी के पार्ट्स
  • एल्यूमिनियम पार्ट्स, जिंक ऑक्साइड, खनिज, प्राकृतिक रबर
  • प्लेटिनम कॉइन्स, एसेंशियल ऑयल और अन्य औद्योगिक वस्तुएं

कृषि और डेयरी सेक्टर को नहीं दी गई कोई छूट

सरकार ने साफ किया कि भारत ने अमेरिका को डेयरी या संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी है. इनमें मीट, पोल्ट्री, सोयाबीन, मकई, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, ग्रीन टी, इथेनॉल, तंबाकू और अन्य एग्री-आधारित उत्पाद शामिल हैं. इसका उद्देश्य देश के किसानों और पशुपालन से जुड़े लोगों के हितों की रक्षा करना है.

30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंच

मंत्री ने कहा कि इस समझौते से लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए कम टैरिफ के साथ रास्ता खुला है. अमेरिका ने कुछ क्षेत्रों में टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर लगभग 18 प्रतिशत कर दिया है, जो भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है. उन्होंने बताया कि चीन पर करीब 35 प्रतिशत, वियतनाम पर 20 प्रतिशत और इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिससे भारत को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सकती है.

विकसित भारत की दिशा में अहम कदम

पीयूष गोयल ने इसे भारत की 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया. फरवरी 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य भारत-अमेरिका व्यापार को सालाना 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. उनके अनुसार, यह समझौता भारत के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगा और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा. आने वाले समय में इससे विभिन्न सेक्टरों में निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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