सरकार ने 40 पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर बढ़ाई राहत, 15 जुलाई तक नहीं लगेगी कस्टम ड्यूटी 

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Petrochemical Import Duty

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Petrochemical Import Duty: 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट अब 15 जुलाई तक जारी रहेगी. जानिए सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और इसका क्या मतलब है.

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Petrochemical Import Duty: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने उद्योगों और सप्लाई चेन को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्रालय ने करीब 40 जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर मिलने वाली शून्य (Zero) कस्टम ड्यूटी की अवधि को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया है. पहले यह छूट 30 जून तक ही लागू थी.

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बनाए रखना, उद्योगों पर बढ़ते लागत के दबाव को कम करना और सप्लाई में किसी तरह की रुकावट से बचाना है.

क्यों बढ़ाई गई छूट?

यह ड्यूटी छूट पहली बार 2 अप्रैल को लागू की गई थी. उस समय पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हो रही थी. जहाजों की आवाजाही में दिक्कत आने से कई जरूरी पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका थी. इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने अस्थायी राहत के तौर पर इन प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी थी. अब हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण इस राहत को 15 दिन और बढ़ा दिया गया है.

किन इंडस्ट्रीज को होगा फायदा?

इन पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में होता है. ड्यूटी छूट जारी रहने से इन सेक्टरों को कच्चा माल आसानी से मिल सकेगा और लागत बढ़ने का खतरा भी कम होगा.

मुख्य लाभ पाने वाले सेक्टर:

  • प्लास्टिक इंडस्ट्री 
  • पैकेजिंग इंडस्ट्री 
  • टेक्सटाइल इंडस्ट्री 
  • फार्मास्यूटिकल (दवा) इंडस्ट्री 
  • केमिकल इंडस्ट्री 
  • ऑटोमोबाइल पार्ट्स निर्माण
  • अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

किन प्रोडक्ट्स पर मिलेगी राहत?

सरकार ने जिन प्रमुख पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी में छूट जारी रखी है, उनमें शामिल हैं:

उत्पादउपयोग
मेथेनॉल (Methanol)केमिकल और फ्यूल इंडस्ट्री 
एनहाइड्रस अमोनियाफर्टिलाइजर और केमिकल
टोल्यून (Toluene)पेंट और केमिकल
स्टाइरीन (Styrene)प्लास्टिक निर्माण
डाइक्लोरोमीथेनऔद्योगिक केमिकल
विनाइल क्लोराइड मोनोमरPVC प्रोडक्शन 
पॉलीब्यूटाडीनरबर इंडस्ट्री 
स्टाइरीन-ब्यूटाडीनटायर और रबर प्रोडक्ट 
अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिननिर्माण और मैन्युफैक्चरिंग

इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार का मानना है कि जरूरी कच्चे माल की सप्लाई बनी रहने से इंडस्ट्रीज का प्रोडक्शन प्रभावित नहीं होगा. इससे तैयार प्रोडक्ट्स की लागत पर दबाव कम रहेगा और बाजार में सामान की उपलब्धता भी बनी रहेगी. इसका फायदा अंततः कंज्यूमर्स को भी मिल सकता है.

भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर का बड़ा इम्पोर्टर है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण शिपिंग रूट प्रभावित होने से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. ऐसे में सरकार का यह फैसला घरेलू इंडस्ट्रीज के लिए फिलहाल राहत देने वाला कदम माना जा रहा है.

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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