अदाणी ग्रुप मामले पर विपक्ष ने तैयार की साझा रणनीति, संसद परिसर में किया प्रदर्शन

New Delhi: Opposition parties' MPs stage a protest over Adani row at the Gandhi statue in the Parliament complex, in New Delhi, Monday, Feb. 6, 2023. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI02_06_2023_000036A)
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों प्रमोद तिवारी, सैयद नासिर हुसैन और अमी याग्निक ने अडाणी समूह से जुड़े प्रकरण की पृष्ठभूमि में सदन में नियम 267 के तहत प्रश्नकाल और दूसरे विधायी कार्यों को स्थगित कर चर्चा कराए जाने की मांग की है.
नई दिल्ली : अदाणी ग्रुप मामले पर विपक्ष ने सोमवार को साझा रणनीति पर चर्चा की और इसके बाद संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया. समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने अडाणी ग्रुप के खिलाफ ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले और कुछ अन्य विषयों को लेकर सोमवार को संसद में अपनी अपनी साझा रणनीति पर चर्चा की और परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे इन नेताओं ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर ‘अडाणी स्कैन्डल या जेपीसी जांच या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो’ लिखा था.
रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में हुई बैठक के बाद विपक्षी सदस्यों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया. विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति, आम आदमी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), द्रमुक, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हुए.
उधर, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्यों प्रमोद तिवारी, सैयद नासिर हुसैन और अमी याग्निक ने अदाणी समूह से जुड़े प्रकरण की पृष्ठभूमि में सदन में नियम 267 के तहत प्रश्नकाल और दूसरे विधायी कार्यों को स्थगित कर चर्चा कराए जाने की मांग की है. बता दें कि इस मुद्दे पर पिछले सप्ताह दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने और चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था, जिस कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई थी.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम अदाणी मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराना चाहते हैं, लेकिन सरकार भी अदाणी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है. सरकार सब कुछ छिपाना चाहती है और अब उनका पर्दाफाश हो रहा है.
वहीं, झामुमो सांसद डॉ महुआ माजी ने कहा कि अदाणी मामले पर पीएम मोदी सामने क्यों नहीं आना चाहते और इसका सामना करना चाहते हैं? हर चीज का धीरे-धीरे निजीकरण किया जा रहा है, उन्हें ढाल बनाया जा रहा है. आप देख सकते हैं कि देश किस ओर जा रहा है. पूरा विपक्ष एकजुट है, हम विरोध कर रहे हैं. हमें जवाब चाहिए, अदाणी को क्यों ढाल दिया जा रहा है?
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि लोग चिंतित हैं, लेकिन सरकार अदाणी मुद्दे पर्दा डालने की कोशिश कर रही है. अदाणी दावा कर रहे हैं कि यह देश पर हमला है, लेकिन कैसे? हम इसकी जेपीसी जांच चाहते हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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