ePaper

ONGC Protest: भर्ती रुकी, ओवरटाइम भत्ते बंद... ओएनजीसी के आंदोलनकारी कर्मचारियों ने भूख हड़ताल की दी चेतावनी

Updated at : 27 May 2025 8:38 PM (IST)
विज्ञापन
ONGC Protest

ONGC Protest

ONGC protest: असम के नाजिरा स्थित ओएनजीसी मुख्यालय के सामने पिछले एक हफ्ते से कर्मचारी संघ का धरना लगातार जारी है. पूर्वांचल कर्मचारी संघ की अगुवाई में हो रहे इस आंदोलन में कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, ओवरटाइम भत्ता बहाल करने और अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी मांगें उठाई हैं. हालांकि, अभी तक कोई समाधान सामने नहीं आया है और अब संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

विज्ञापन

ONGC Protest: ओएनजीसी की असम एसेट से जुड़े कर्मचारियों के धरने को अब एक हफ्ता होने वाला है. कर्मचारी संघ ने भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, फरवरी 2025 में हटाए गए ओवरटाइम भत्ते को बहाल करने और फील्ड ऑपरेटर साथ ही पैरामेडिकल कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की है. पूर्वांचल कर्मचारी संघ जनरल सेक्रेटरी जीव बरुआ का कहना है कि निजीकरण के चलते स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं.  प्रबंधन की चुप्पी के बीच यूनियन अब भूख हड़ताल की चेतावनी दे चुकी है. 

मांगे न मानने पर तेज हुआ आंदोलन 

ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) की असम एसेट में हालात सामान्य नहीं हैं.  पूर्वांचल कर्मचारी संघ द्वारा 21 मई से नाजिरा स्थित ओएनजीसी मुख्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया था, जो अब एक हफ्ते से भी अधिक समय से जारी है. धरने की शुरुआत कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध से हुई थी, लेकिन जब मांगे नहीं सुनी गईं तो आंदोलन को और तेज किया गया. 

 भूख हड़ताल का दिया अल्टीमेटम 

संघ का कहना है कि ओएनजीसी ने 2023 से नई भर्तियां रोक दी हैं, जिससे असम के कई युवा रोजगार के अवसर से वंचित हो गए हैं. जनरल सेक्रेटरी संजीव बरुआ के अनुसार, “सारा काम अब निजी कंपनियों को दिया जा रहा है.  इससे स्थानीय प्रतिभा को नुकसान हो रहा है और परिचालन पर भी असर पड़ रहा है. ” बरुआ ने यह भी बताया कि ओएनजीसी मुख्यालय से एक टीम ने 29 अप्रैल को बातचीत की थी, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकला.  इस स्थिति से असंतुष्ट होकर अब संघ ने भूख हड़ताल का अल्टीमेटम दिया है, और यदि इसके बावजूद मांगें नहीं मानी गईं तो काम बंद हड़ताल की घोषणा की जाएगी. 

Also Read: ITR Filing 2025: नौकरी-पेशा लोगों को आईटीआर फाइल करना हुआ आसान, जानें इनकम टैक्स की पूरी प्रक्रिया

अधिकारियों ने रफा-दफा किया मामला

एक अन्य अहम मुद्दा तीन घंटे के ओवरटाइम भत्ते को लेकर है, जिसे फरवरी 2025 में अचानक बंद कर दिया गया था. इसके अलावा, लंबे समय से सेवा दे रहे फील्ड ऑपरेटर और पैरामेडिकल कर्मचारियों को भी नियमित नहीं किया गया है, जिससे असंतोष और गहरा है. जब ओएनजीसी असम एसेट के एक वरिष्ठ अधिकारी से इस विषय पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने इसे कर्मचारी संघ और प्रबंधन के बीच का “आंतरिक मामला” कहकर इस पर बात करने से इनकार कर दिया. 

Also Read: RBI Home Loans: होम लोन ग्राहकों की होगी बल्ले-बल्ले, जून में फिर घट सकता है इंटरेस्ट रेट

विज्ञापन
Sakshi Sinha

लेखक के बारे में

By Sakshi Sinha

Sakshi Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola