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सिगरेट के धुएं का छल्ला उड़ाने की उम्र बढ़ाने की तैयारी में मोदी सरकार, कानून तोड़ने वालों की नहीं होगी खैर

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
धुम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक है.
धुम्रपान करना सेहत के लिए हानिकारक है.
प्रतीकात्मक फोटो.

Legal Age of Smoking : देवानंद की फिल्म 'हम दोनों' में पार्श्व गायक मोहम्मद रफी का एक गाना है, 'मैं जिंन्दगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया.' लेकिन, जरा ठहरिए. अब कम उम्र में हर फिक्र को धुएं में उड़ाना महंगा पड़ सकता है. जी हां, आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं. अब अगर किसी ने बाली उमर में हर फिक्र को धुएं में उड़ाने की कोशिश करने पर जुर्माने का भुगतान करना पड़ सकता है.

धुम्रपान की कानूनी उम्र 21 साल होगी

खबर यह है कि केंद्र की मोदी सरकार धुम्रपान या स्मोकिंग की कानूनी उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने की तैयारी में जुट गई है. इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक मसौदा तैयार किया जा रहा है. अगर सरकार इस मसौदे को मान लेती है, तो निकट भविष्य में धुम्रपान की कानूनी उम्र बढ़कर 21 साल हो जाएगी.

सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट पीने पर 2000 रुपये का जुर्माना

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस मसौदे में ऐसे प्रावधान किए जा रहे हैं, जिसके मुताबिक स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, तंबाकू उत्पाद, नकली और अवैध सिगरेट के उत्पादन और बिक्री पर 5 साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इतना ही नहीं, सार्वजनिक स्थल पर सिगरेट पीने पर लगने वाले जुर्माने की राशि को भी 500 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने का प्रावधान किया जा रहा है.

शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध

केंद्र सरकार ने सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने की उम्र को 21 साल करने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति, वितरण, विज्ञापन और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2020 का मसौदा तैयार किया है. इस विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के तहत सिगरेट या किसी अन्य तंबाकू उत्पाद की बिक्री 21 वर्ष या इससे कम उम्र के लोगों को नहीं की जा सकेगी. साथ ही, इसमें यह प्रावधान भी है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं हो सकेगी.

भारी जुर्माने और सजा की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्रालय के इस विधेयक की धारा 7 में संशोधन किया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि सिगरेट या कोई भी अन्य तंबाकू उत्पाद सील पैक अवस्था में होना चाहिए. मूल पैकेजिंग से बाहर इनकी बिक्री नहीं होगी. इसमें एक और प्रावधान जोड़ा गया है कि कोई भी व्यक्ति, सिगरेट या किसी भी अन्य तंबाकू उत्पादों का तब तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादन, आपूर्ति या वितरण नहीं करेगा, जब तक कि उसकी न्यूनतम मात्रा निर्धारित नहीं की गई हो. इस मसौदे में कहा गया है कि धारा 7 के उल्लंघन पर 2 साल की कैद या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. वहीं, दूसरी बार गलती करते हुए पकड़े जाने पर 5 साल तक की या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

अवैध तरीके से तंबाकू उत्पाद बेचने पर जुर्माना और जेल

वहीं, इसमें यह भी कहा गया है कि अवैध तरीके से सिगरेट या तंबाकू उत्पाद बेचने पर 1 साल की जेल या 50,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है. इसके साथ ही, दूसरी बार इसका दोषी पाए जाने पर 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. वहीं, अवैध सिगरेट बनाने पर 2 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है.

Posted By : Vishwat Sen

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