शराब से सरकारों की बंपर कमाई , सिर्फ 2 महीने में UP ने कमाए ₹10,638 करोड़, हरियाणा की आय 82% बढ़ी

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Excise Duty State Wise Revenue

Excise Duty State Wise Revenue

Excise Duty State Wise Revenue : CAG रिपोर्ट के मुताबिक शराब पर एक्साइज ड्यूटी से राज्यों की कमाई लगातार बढ़ रही है. जानिए किस राज्य को सबसे ज्यादा राजस्व मिला, हरियाणा की कमाई क्यों बढ़ी और बिहार पर शराबबंदी का क्या असर पड़ा.

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Excise Duty State Wise Revenue : शराब को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है, लेकिन राज्यों की आर्थिक व्यवस्था में इसकी बड़ी भूमिका है. इसकी वजह है शराब की बिक्री पर लगने वाली Excise Duty, जो कई राज्यों के लिए राजस्व का अहम स्रोत है.

हाल ही में सामने आए CAG (Comptroller and Auditor General of India) आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और मई 2026 के दौरान कई राज्यों की शराब से होने वाली कमाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा राजस्व उत्तर प्रदेश को मिला, जबकि हरियाणा ने सालाना आधार पर सबसे तेज वृद्धि दर्ज की.

Excise Duty क्या होती है ?

Excise Duty वह कर (Tax) है जो राज्य सरकारें शराब जैसे विशेष उत्पादों की बिक्री पर लगाती हैं. यह राशि सीधे राज्य सरकारों के राजस्व में जाती है और इसका उपयोग विकास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य सरकारी योजनाओं में किया जाता है.

अप्रैल-मई 2026 में किस राज्य ने कितनी कमाई की?

राज्यों की कमाई में शराब का कितना योगदान है?

CAG की रिपोर्ट के अनुसार राज्यों के Tax Revenue में अलग-अलग स्रोतों की हिस्सेदारी.

राजस्व का स्रोतहिस्सेदारी
GST44%
Sales Tax / VAT21%
Excise Dutyलगभग 14%

यानी हर ₹100 के टैक्स राजस्व में लगभग ₹14 शराब पर लगने वाली Excise Duty से आते हैं.

सरकारों के लिए शराब से होने वाली कमाई क्यों महत्वपूर्ण है?

Excise Duty से मिलने वाली आय का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जाता है.

  • सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास.
  • स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च.
  • सामाजिक कल्याण योजनाएं.
  • प्रशासनिक खर्च.
  • ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाएं.

क्या ज्यादा राजस्व का मतलब ज्यादा शराब की खपत है?

जरूरी नहीं. राजस्व बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं.

  • Excise Duty में बढ़ोतरी.
  • लाइसेंस शुल्क में बदलाव.
  • बिक्री नेटवर्क का विस्तार.
  • बेहतर टैक्स वसूली.
  • शराब की कीमतों में वृद्धि.

इसलिए केवल राजस्व के आधार पर शराब की खपत का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

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अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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