बेटी की शादी या पढ़ाई, अब चिंता नहीं, LIC योजना से रोज ₹121 बचाकर जुटाएं ₹27 लाख

LIC Kanyadaan Policy
LIC Kanyadaan Policy: LIC की कन्यादान योजना के तहत आप रोजाना ₹121 बचाकर बेटी की शादी या पढ़ाई के लिए करीब ₹27 लाख का फंड तैयार कर सकते हैं. यह स्कीम टैक्स छूट, बीमा सुरक्षा और लोन सुविधा जैसी कई बेहतरीन सुविधाएं भी देती है.
LIC Kanyadaan Policy: बढ़ती महंगाई और शिक्षा-शादी के बढ़ते खर्च को देखते हुए हर माता-पिता की यह चिंता होती है कि उनकी बेटी का भविष्य सुरक्षित कैसे किया जाए. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कन्यादान योजना की शुरुआत की है. जो बेटियों के उज्ज्वल कल की दिशा में एक ठोस कदम है.
क्या है LIC कन्यादान योजना?
LIC कन्यादान योजना एक प्रकार की मिश्रित बीमा और बचत योजना है, जिसे खास तौर पर बेटियों की शिक्षा और विवाह जैसे महत्वपूर्ण खर्चों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. इसमें पॉलिसीधारक यानी पिता नियमित निवेश करता है और योजना की परिपक्वता (maturity) पर बेटी को एकमुश्त राशि प्राप्त होती है.
पात्रता और निवेश की अवधि
- बेटी की उम्र: 1 वर्ष से 10 वर्ष के बीच
- पिता की उम्र: 50 वर्ष से कम
- पॉलिसी अवधि: 13 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक
- प्रीमियम भुगतान विकल्प: मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक
- न्यूनतम बीमा राशि: योजना के तहत आवश्यकतानुसार निर्धारित
कैसे मिलेंगे ₹22.5 लाख?
यदि आप 25 वर्ष की उम्र में इस योजना में जुड़ते हैं और ₹3,447 प्रति माह के हिसाब से 22 वर्षों तक प्रीमियम जमा करते हैं, तो 25 वर्षों की अवधि के बाद आपको लगभग ₹22.5 लाख की एकमुश्त राशि प्राप्त हो सकती है. इसमें बीमा राशि, बोनस और अंतिम बोनस शामिल होते हैं.
टैक्स में राहत
इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह टैक्स में भी राहत देती है:
- धारा 80C के तहत प्रीमियम पर टैक्स में छूट
- धारा 10(10D) के तहत मैच्योरिटी राशि पर टैक्स मुक्त लाभ
योजना की प्रमुख सुविधाएं
इस योजना की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है इसकी लचीलापन और सुविधा. पॉलिसी शुरू होने के दो वर्षों के बाद आप इस पर लोन भी ले सकते हैं, जो किसी आकस्मिक जरूरत में काफी उपयोगी होता है. अगर किसी कारणवश आप योजना को जारी नहीं रख पाते, तो दो साल पूरे होने पर आप इसे सरेंडर कर सकते हैं. साथ ही, अगर किसी महीने प्रीमियम चूक भी जाए, तो LIC आपको ग्रेस पीरियड में बिना किसी पेनल्टी के प्रीमियम जमा करने का अवसर देती है. इसके अलावा, यह योजना मासिक, त्रैमासिक, अर्धवार्षिक या वार्षिक भुगतान विकल्पों के साथ आती है, जिससे आप अपनी सुविधा के अनुसार निवेश कर सकते हैं.
मृत्यु लाभ (Death Benefit)
अगर पॉलिसीधारक, यानी पिता की सामान्य परिस्थितियों में मृत्यु हो जाती है, तो बेटी को आगे कोई प्रीमियम जमा नहीं करना पड़ता. इसके अलावा, उसे हर वर्ष ₹1 लाख की निश्चित राशि अगले 25 वर्षों तक मिलती रहती है, और पॉलिसी की परिपक्वता पर पूरी बीमा राशि भी दी जाती है. वहीं अगर पिता की मृत्यु किसी दुर्घटना के कारण होती है, तो बेटी या नामित व्यक्ति को ₹10 लाख तक का एकमुश्त मृत्यु लाभ भी प्रदान किया जाता है. यह लाभ बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाता है.
क्यों है यह योजना खास?
- बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने का भरोसेमंद तरीका
- बीमा, बचत और टैक्स छूट तीनों का संयोजन
- योजना के माध्यम से जीवनभर की बचत एक सुव्यवस्थित ढंग से संभव
- पॉलिसीधारक की मृत्यु के बावजूद योजना में लाभ सुनिश्चित
Also Read: ट्रंप की खुली चेतावनी, BRICS का समर्थन किया तो लग��गा 10% अतिरिक्त शुल्क
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










