Job Layoffs : भारत की आईटी कंपनियों में सीनियर प्रोफेशनल्स की नौकरियों पर मंडरा रहा खतरा, जानें क्यों?

सर्वेक्षण कहता है कि सबसे ज्यादा छंटनी वरिष्ठ पदों पर तैनात पेशेवरों की होने की आशंका है. करीब 20 फीसदी नियोक्ताओं ने ऐसा अनुमान जताया है. वहीं, हाल ही में अपना करियर शुरू करने वाले युवा कर्मचारियों पर छंटनी का असर सबसे कम पड़ने की उम्मीद है.
मुंबई : भारत में विभिन्न कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर बैठे पेशवरों (प्रोफेशनल्स) की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है. ये बातें जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम की एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में कही गई है. जॉब पोर्टल के इस सर्वेक्षण के अनुसार, देश के अधिकांश नियोक्ताओं का मानना है कि वर्ष 2023 की पहली छमाही में छंटनियां घटेंगी. हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों और वरिष्ठ पदों पर तैनात पेशेवरों पर छंटनी की मार अधिक पड़ने की आशंका है.
जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम की तरफ से 1,400 नियोक्ताओं के बीच कराए गए एक सर्वेक्षण में यह अनुमान जाहिर किया गया है. गुरुवार को जारी इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ 4 फीसदी प्रतिभागियों ने ही साल की पहली छमाही में छंटनी किए जाने की आशंका जताई है. हालांकि, 10 क्षेत्रों के नियोक्ताओं के बीच कराए गए सर्वे से पता चलता है कि आईटी उद्योग पर अगले कुछ महीनों में छंटनी की सबसे अधिक मार पड़ सकती है. इसके अलावा, कारोबार विकास, विपणन, मानव संसाधन और परिचालन से जुड़ी नौकरियों में भी कटौती की जा सकती है.
सर्वेक्षण कहता है कि सबसे ज्यादा छंटनी वरिष्ठ पदों पर तैनात पेशेवरों की होने की आशंका है. करीब 20 फीसदी नियोक्ताओं ने ऐसा अनुमान जताया है. वहीं, हाल ही में अपना करियर शुरू करने वाले युवा कर्मचारियों पर छंटनी का असर सबसे कम पड़ने की उम्मीद है.
सर्वेक्षण के मुताबिक, साल की पहली छमाही में करीब आधे नियोक्ताओं ने कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर 15 फीसदी से अधिक रहने की संभावना जताई है. इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा आईटी उद्योग का ही रहने का अनुमान है. हालांकि, वैश्विक रोजगार बाजार में व्याप्त अनिश्चितता के बावजूद 92 फीसदी नियोक्ता जनवरी-जून 2023 की अवधि में नई भर्तियों को लेकर आशान्वित हैं.
सर्वे में शामिल करीब आधे प्रतिभागियों ने नई भर्तियों के अलावा पुराने पदों पर नियुक्तियों की उम्मीद जताई है. वहीं, 29 फीसदी नियोक्ताओं ने सिर्फ नई भर्तियों की बात कही है, जबकि 17 फीसदी ने कर्मचारियों की संख्या बरकरार रखने की बात कही है.
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भर्तियों को लेकर नियोक्ताओं का नजरिया आशावादी होने से कर्मचारी अपने सालाना कामकाजी मूल्यांकन में बेहतर वेतन-वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं. सर्वेक्षण में शामिल एक-तिहाई से अधिक प्रतिभागियों ने इस साल औसत वेतन-वृद्धि 20 फीसदी से भी अधिक रहने की उम्मीद जताई है. इसके अलावा, कॉलेज एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले युवा भी कैंपस भर्ती को लेकर नियोक्ताओं के अनुकूल रुख से उत्साहित हो सकते हैं.
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By Kumarvishwat Sen
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