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ITR Filing: इस बार आयकर रिफंड में हो सकती है देर, 75 लाख करदाताओं ने फाइल कर दिए रिटर्न

Updated at : 03 Jul 2025 5:47 PM (IST)
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ITR Filing

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ITR Filing: इस साल आयकर रिफंड में देरी हो सकती है, क्योंकि विभाग पहले पिछले वर्षों के रिटर्न और स्क्रूटनी की समीक्षा कर रहा है. अब तक 75 लाख से अधिक करदाता रिटर्न दाखिल कर चुके हैं. रिफंड पाने के लिए रिटर्न की सही फाइलिंग और स्टेटस की निगरानी जरूरी है. इस बार रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 15 सितंबर तय की गई है. टैक्सपेयर्स को घबराने की जरूरत नहीं, सही जानकारी देने पर रिफंड जरूर मिलेगा.

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ITR Filing: आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने वाले करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है. वह यह कि इस साल आयकर रिफंड मिलने में देर हो सकती है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि इस साल आयकर रिफंड तब तक नहीं आएगा, जबतक आयकर विभाग की ओर से पिछले वर्षों की आयकर रिटर्न रिपोर्ट और आकलन ऑर्डर की पूरी तरह समीक्षा न हो जाए. हालांकि, साल 2025 में अब तक करीब 75 लाख से अधिक करदाताओं ने आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है. इनमें से करीब 71.1 लाख लोगों की ओर से दाखिल किया गया रिटर्न आयकर विभाग की ओर से वेरिफाई भी कर दिया गया है. पहले आयकर विभाग की वेबसाइट पर बताया जाता था कि कितने आयकर रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह सेक्शन खाली दिखाई दे रहा है.

आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख

हर साल आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई तक होती थी, लेकिन इस बार आयकर विभाग ने इसकी तिथि को बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया गया है. इस साल करदाता मई 2025 से ही आयकर रिटर्न फाइल कर रहे हैं. बताया यह भी जा रहा है कि इस साल आयकर फाइलिंग करीब एक महीने की देर से शुरू हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि आयकर विभाग की ओर से पुराने आयकर रिटर्न और पेंडिंग स्क्रूटनी को पहले क्लियर किया जा रहा है.

पुराने रिटर्न की समीक्षा के बाद मिलेगा रिटर्न

हिंदी की वेबसाइट मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल रिफंड मिलने देर हो सकती है. इस बात की चर्चा अप्रैल में ही शुरू हो गई थी. अब लाखों लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल कर दिया है, तब रिफंड की चर्चा एक बार फिर जोरों पर है. टैक्स विशेषज्ञों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि इस बार करदाताओं को रिफंड मिलने में कठिनाई हो सकती है. आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन करदाताओं के पुराने सालों की स्क्रूटनी पेंडिंग पड़ी है या उसका आकलन नहीं किया गया है, उनके रिफंड पर फिलहाल रोक लगाई जाए.

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क्या करें करदाता

विशेषज्ञों की ओर से करदाताओं को यह सुझाव दिया जा रहा है कि आयकर विभाग के इस कदम से करदाताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आपने सही तरीके से आयकर रिटर्न फाइल कर दिया है, तो रिफंड जरूर मिलेगा. जरूरत इस बात की है कि आप अपने स्टेटस को हमेशा चेक करते रहें.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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