कोरोना का कहर : स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट से निवेशकों को 14.22 लाख करोड़ रुपये की चपत
Author : KumarVishwat Sen Published by : Prabhat Khabar Updated At : 23 Mar 2020 8:03 PM
सेंसेक्स के सोमवार को लगभग 4,000 अंक गिरकर बंद होने से शेयर बाजार के निवेशकों की संपत्ति को 14.22 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी.
नयी दिल्ली : सेंसेक्स के सोमवार को लगभग 4,000 अंक गिरकर बंद होने से शेयर बाजार के निवेशकों की संपत्ति को 14.22 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के चलते सरकार ने करीब 80 जिलों में आवागमन पर रोक का असर शेयर बाजारों पर भी दिखा. बीएसई सेंसेक्स 3,934.72 अंक यानी 13.15 फीसदी लुढ़ककर 25,981.24 अंक पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी 1,135.20 अंक यानी 12.98 फीसदी गिरकर 7,610.25 अंक पर आ गया. यह शेयर बाजारों में एक दिन में होने वाली अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. इसके बाद बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 14,22,207.01 करोड़ रुपये घटकर 1,01,86,936.28 करोड़ रुपये रह गया.
सोमवार को कारोबार के शुरुआती दौर में ही शेयर बाजार 10 फीसदी से अधिक गिर गये, जिसके बाद 45 मिनट के लिए बाजार में कारोबार रोक दिया गया. दुनिया के देशों के साथ आवागमन को पूरी तरह रोक दिये जाने के बाद सोमवार को देश में भी कई राज्यों में लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी.
कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप के बाद सरकार की ओर से उठाये जाने वाले कदमों के बाद निवेशकों में इसको लेकर घबराहट बढ़ी है और उन्हें वैश्विक बाजारों में मंदी छाने की आशंका है. शेयर बाजार में शुरुआती काम बंदी के बाद दोबारा 11 बजे कारोबार शुरू हुआ. दिन में कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 90 पैसे टूटकर 76.10 पर चला गया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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