शेयर बाजार में शानदार रिकवरी, 300 अंक उछला सेंसेक्स, 24000 के करीब पहुंचा निफ्टी

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Indian Stock Market: अगर आपने कल शेयर बाजार की तेज गिरावट देखकर चिंता की थी, तो आज की शुरुआत राहत देने वाली रही.
Indian Stock Market: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की. बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल देखने को मिला और कुछ ही देर में सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी 24,000 के बेहद करीब पहुंच गया.
हालांकि राहत की इस तेजी के बीच इन्वेस्टर्स की नजर अभी भी दुनिया भर की बड़ी खबरों पर बनी हुई है. खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज उछाल ने बाजार के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है.
आज बाजार की शुरुआत कैसी रही?
गुरुवार को सेंसेक्स 76,576.14 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 76,503.60 पर बंद हुआ था. वहीं निफ्टी 23,928.95 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 23,882.05 से ऊपर रहा.
बाजार की स्थिति इस तरह थी—
| इंडेक्स | मौजूदा स्तर | बढ़त |
| सेंसेक्स | 76,822.84 | +319.24 अंक (+0.42%) |
| निफ्टी | 23,995.50 | +113.45 अंक (+0.48%) |
यानी बाजार ने पिछले दिन की बड़ी गिरावट से अच्छी रिकवरी दिखाई.
तेल की कीमतें क्यों बनीं नई चिंता?
एक तरफ शेयर बाजार में तेजी रही, तो दूसरी तरफ ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 6% बढ़कर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई. इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर अब प्रभावी नहीं माना जा सकता. फारस की खाड़ी में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका के बाद तेल की कीमतों में तेजी आ गई.
एक्स्पर्ट्स का क्या कहना है?
मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो ऑयल एंड गैस और अपस्ट्रीम एनर्जी कंपनियों को फायदा मिल सकता है. वहीं सरकारी रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट सेक्टर पर दबाव बन सकता है क्योंकि वैश्विक बॉन्ड यील्ड बढ़ने से ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं. इसके अलावा कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. हालांकि बड़े बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयर बाजार को संभालने का काम कर सकते हैं क्योंकि इन सेक्टरों में क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी हुई है.
वहीं पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कसाट ने कहा कि अगर तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.567% पर पहुंच गई है, जो 22 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.
किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा ताकत?
आज सुबह के कारोबार में इटर्नल, टाइटन, एशियन पेंट्स, HDFC बैंक, ICICI बैंक, BEL, SBI, रिलायंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और टाटा स्टील सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे. वहीं इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और HCL टेक में कमजोरी देखने को मिली. अगर सेक्टरों की बात करें तो फार्मा और आईटी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए.
दुनिया के बाजारों में क्या हो रहा है?
एशियाई बाजारों में जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजार 2% तक चढ़े. इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी मजबूत मांग की उम्मीद और सेमीकंडक्टर कंपनियों में खरीदारी रही. हालांकि तेल की बढ़ती कीमतों ने तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा. अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. डॉव जोन्स करीब 1% गिर गया, जबकि नैस्डैक बढ़त के साथ बंद हुआ क्योंकि सेमीकंडक्टर शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई. इन्वेस्टर्स की चिंता तब और बढ़ गई जब ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर पर सवाल उठाए और भविष्य में अमेरिका की ओर से अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए. इसके साथ ही FOMC की बैठक के मिनट्स से यह संकेत भी मिला कि इस साल ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी हो सकती है. यूरोप के बाजारों में भी दबाव देखने को मिला. ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस के प्रमुख शेयर सूचकांक करीब 2% तक गिर गए। वहीं सोने की कीमत करीब 1% गिरकर 4,072 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. इन्वेस्टर्स को डर है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो महंगाई बढ़ सकती है और ब्याज दरें उम्मीद से ज्यादा समय तक ऊंची रह सकती हैं.
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By Soumya Shahdeo
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