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महामारी के दौर में भारत की लाइफलाइन बन गई रेलवे, 42 दिनों में 25,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाकर स्थापित किया कीर्तिमान

Updated at : 05 Jun 2021 4:49 PM (IST)
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महामारी के दौर में भारत की लाइफलाइन बन गई रेलवे, 42 दिनों में 25,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाकर स्थापित किया कीर्तिमान

भारतीय रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान रेलवे के ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए पूरे देश में 25,000 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है. उसने कहा कि अब तक रेलवे ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 1,503 से अधिक टैंकरों के जरिए 25,629 मीट्रिक टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की है. यह सेवा देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शुरू की गई थी.

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नई दिल्ली : कोरोना की शुरुआत के पहले सवारियों और वस्तुओं को गंतव्य तक पहुंचाने वाली रेलवे महामारी के इस दौर में भारत के लिए लाइफलाइन बन गई. भारतीय रेलवे ने टैंकरों के जरिए दिनरात एक करके कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए पिछले 42 दिनों में रिकॉर्ड 25,000 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के विभिन्न राज्यों में किया है.

शनिवार को भारतीय रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान रेलवे के ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए पूरे देश में 25,000 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है. उसने कहा कि अब तक रेलवे ने देश भर के विभिन्न राज्यों में 1,503 से अधिक टैंकरों के जरिए 25,629 मीट्रिक टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी की है. यह सेवा देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान शुरू की गई थी.

रेलवे के बयान में कहा गया है कि अब तक करीब 368 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अपनी यात्रा पूरी कर विभिन्न राज्यों को राहत पहुंचाने का काम किया है. वहीं, मेडिकल ऑक्सीलन से लोड करीब 7 ट्रेन 30 टैंकरों में करीब 482 टन से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही हैं. बयान में कहा गया कि असम में झारखंड से भेजी गई करीब 80 टन मेडिकल ऑक्सीजन के साथ अपनी पांचवीं ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंच गई है, जबकि कर्नाटक में 3,000 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी गई.

बता दें कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन एक्सप्रेस की ट्रेनों ने 42 दिन पहले 24 अप्रैल 2021 को महाराष्ट्र में 126 टन मेडिकल ऑक्सीजन के साथ अपनी डिलीवरी की शुरुआत की थी. इसके बाद उत्तराखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, केरल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड और असम ऐसे 15 राज्य हैं, जिन्हें रेलवे की इस सेवा का लाभ मिला है.

रेलवे के अनुसार, ऑक्सीजन एक्सप्रेस के जरिए अब तक महाराष्ट्र में 614 टन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3,797 टन, मध्य प्रदेश में 656 टन, दिल्ली में 5,590 टन, हरियाणा में 2,212 टन और राजस्थान में 98 टन, कर्नाटक में 3097 मीट्रिक टन, उत्तराखंड में 320 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की डिलीवरी दी जा चुकी है. रेलवे ने कहा कि तमिलनाडु में 2787 मीट्रिक टन, आंध्र प्रदेश में 2602 मीट्रिक टन, पंजाब में 225 मीट्रिक टन, केरल में 513 मीट्रिक टन, तेलंगाना में 2474 मीट्रिक टन, झारखंड में 38 मीट्रिक टन और असम में 400 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंचाई गई है.

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Posted by : Vishwat Sen

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