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भारतीय निर्यातकों को बांग्लादेश से बड़ा गारमेंट ऑर्डर मिलने की उम्मीद, बढ़ेगा निर्यात

Updated at : 07 Aug 2024 2:25 PM (IST)
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भारतीय निर्यातकों को बांग्लादेश से बड़ा गारमेंट ऑर्डर मिलने की उम्मीद, बढ़ेगा निर्यात

भारतीय निर्यातकों को बांग्लादेश से गारमेंट ऑर्डर मिलने की उम्मीद

Garment Export to Bangladesh: बांग्लादेश को भारत का निर्यात 2023-24 में घटकर 11 अरब डॉलर रह गया, जो 2022-23 में 12.21 अरब डॉलर था. पिछले वित्त वर्ष में आयात भी घटकर 1.84 अरब डॉलर हो गया, जो 2022-23 में दो अरब डॉलर था.

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Garment Export to Bangladesh: बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत के निर्यातकों को पड़ोसी देश से रेडिमेड गारमेंट्स का बड़ा ऑर्डर मिलने की उम्मीद है. भारत के निर्यातकों का मानना है कि मौजूदा हालात में गारमेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के ऑर्डर शॉर्ट टर्म के लिए भारत को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति में उनका मित्र पड़ोसी देश में पैदा हुई दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति का फायदा उठाने का कोई इरादा या इच्छा नहीं है.

बांग्लादेश का राजनीतिक संकट से निर्यातक चिंतित

बांग्लादेश रेडिमेड गारमेंट्स मैन्युफैक्चरिंग करने वाले प्रमुख देशों में से एक है. बड़े पैमाने पर गारमेंट्स का प्रोडक्शन करने के लिए वह भारत से कपास का आयात करता है. हालांकि, छात्रों के उग्र आंदोलन से शेख हसीना का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद इस समय वह बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. गारमेंट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) के महासचिव मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश का राजनीतिक संकट सभी निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है. हम चाहते हैं कि स्थिति जल्द स्थिर हो जाए और सामान्य कारोबार दोबारा शुरू हो.

राजनीतिक संकट से भुगतान प्रभावित

मिथिलेश्वर ठाकुर ने कहा कि हमारा बांग्लादेश की अशांति का फायदा उठाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है. भारत का गारमेंट्स इंडस्ट्री अपनी काबिलियत के दम पर रेडिमेड कपड़ों का निर्यात बढ़ाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है. हालांकि, इसकी संभावना अधिक है कि अल्पावधि में गारमेंट ऑर्डर भारत में स्थानांतरित हो सकते हैं. लुधियाना के निर्यातक एससी रल्हन ने कहा कि पड़ोसी देश में राजनीतिक संकट समय पर भुगतान को प्रभावित करेगा. उन्होंने कहा कि स्थिति के सामान्य होने से माल की सुचारू आवाजाही में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित करने वाली भारत की कंपनियों को भी इसका असर झेलना पड़ेगा. इसके अलावा, समय पर भुगतान का दबाव भी होगा.

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भारत से बांग्लादेश निर्यात घटा

बांग्लादेश को भारत का निर्यात 2023-24 में घटकर 11 अरब डॉलर रह गया, जो 2022-23 में 12.21 अरब डॉलर था. पिछले वित्त वर्ष में आयात भी घटकर 1.84 अरब डॉलर हो गया, जो 2022-23 में दो अरब डॉलर था. भारत बांग्लादेश को मुख्य रूप से सब्जियां, कॉफी, चाय, मसाले, चीनी, कन्फेक्शनरी, रिफाइंड पेट्रोलियम तेल, रसायन, कपास, लोहा एवं इस्पात और वाहनों का निर्यात करता है, जबकि मछली, प्लास्टिक, चमड़ा और गारमेंट्स का आयात करता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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