गलत ट्रांजैक्शन वाला ईमेल भेजने पर इनकम टैक्स विभाग ने मांगी माफी, लोगों से कहा इग्नोर करें

Updated at : 16 Mar 2026 1:56 PM (IST)
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Income Tax Department

इनकम टैक्स विभाग ने मानी तकनीकी गलती (फोटो क्रेडिट-Canva)

Income Tax Department: इनकम टैक्स विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके बताया कि एडवांस टैक्स ई-कैंपेन के तहत भेजे गए कुछ ईमेल में तकनीकी गलती हो गई थी. विभाग ने टैक्सपेयर्स से कहा कि अभी उन ईमेल को नजरअंदाज कर दें.

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Income Tax Department: हाल ही में कई टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स विभाग की ओर से एडवांस टैक्स से जुड़ा एक ईमेल मिला, जिससे लोग काफी परेशान और कन्फ्यूज हो गए. इस ईमेल में लिखा था कि कुछ लोगों ने साल के दौरान “महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन” (Significant Transactions) किए हैं, लेकिन उनके एडवांस टैक्स भुगतान उससे मेल नहीं खाते. लेकिन जल्द ही कई लोगों ने बताया कि ईमेल में जिन ट्रांजैक्शन का जिक्र किया गया है, वे या तो गलत हैं या उनसे जुड़े ही नहीं हैं. सोशल मीडिया पर शिकायतें बढ़ने के बाद इनकम टैक्स विभाग को सफाई देनी पड़ी.

विभाग ने माना, ईमेल भेजने में हुई गलती

इनकम टैक्स विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके बताया कि एडवांस टैक्स ई-कैंपेन के तहत भेजे गए कुछ ईमेल में तकनीकी गलती हो गई थी. विभाग ने टैक्सपेयर्स से कहा कि अभी उन ईमेल को नजरअंदाज कर दें. साथ ही यह भी बताया कि समस्या को ठीक करने के लिए सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. विभाग ने इस असुविधा के लिए माफी भी मांगी.

ऐसे ईमेल क्यों भेजे जाते हैं

इनकम टैक्स विभाग के अनुसार, इस तरह के ईमेल सिर्फ एक रिमाइंडर के तौर पर भेजे जाते हैं. इसका मकसद यह होता है कि टैक्सपेयर्स अपनी वित्तीय जानकारी की जांच कर लें और अगर जरूरत हो तो समय पर एडवांस टैक्स जमा कर दें. टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे ई-फाइलिंग वेबसाइट के कंप्लायंस पोर्टल पर जाकर ई-कैंपेन सेक्शन में अपने ट्रांजैक्शन की जानकारी चेक कर सकते हैं.

विशेषज्ञों ने क्या कहा

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के रिमाइंडर कैंपेन टैक्स नियमों का पालन बढ़ाने में मददगार होते हैं. हालांकि उनका मानना है कि ऐसे ईमेल का समय और भाषा थोड़ा बेहतर हो सकती है. अगर ये अलर्ट पहले भेजे जाएं और इन्हें साधारण रिमाइंडर की तरह लिखा जाए, तो लोगों में अनावश्यक घबराहट नहीं होगी. कुल मिलाकर, फिलहाल इनकम टैक्स विभाग ने साफ कर दिया है कि गलती से भेजे गए ईमेल को नजरअंदाज किया जाए, और सिस्टम की समस्या को ठीक किया जा रहा है.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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