गैस की किल्लत के कारण कैफे ने वसूला 'गैस क्राइसिस चार्ज', सोशल मीडिया पर बिल वायरल

Updated at : 16 Mar 2026 1:14 PM (IST)
विज्ञापन
LPG Crisis

'गैस क्राइसिस चार्ज' वाला बिल (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया )

LPG Crisis: एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अब धीरे-धीरे आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है. कई जगहों पर रेस्टोरेंट और ठेले वाले खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा रहे हैं. इसी बीच बेंगलुरु से एक अलग ही मामला सामने आया है, जहां एक कैफे ने ग्राहकों से बिल में ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ लेना शुरू कर दिया है.

विज्ञापन

Lpg Crisis: आजकल शहरों में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत चल रही है. इसका असर सिर्फ घरों के किचन तक सीमित नहीं है, बल्कि बाहर का खाना-पीना भी अब जेब पर भारी पड़ रहा है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में गैस न मिलने की वजह से कई ढाबे और रेस्टोरेंट या तो बंद हो गए हैं या उन्होंने अपने दाम बढ़ा दिए हैं.

नींबू पानी पर ‘गैस चार्ज’?

बेंगलुरु के एक कैफे (Theo Cafe) का एक बिल सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस बिल को देखकर लोग हैरान हैं क्योंकि कैफे ने ग्राहक से 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (Gas Crisis Charge) वसूला है. ताज्जुब की बात यह है कि ग्राहक ने ‘मिंट लेमोनेड’ (शिकंजी) ऑर्डर की थी.अब लोग सोशल मीडिया पर मजे ले रहे हैं और पूछ रहे हैं कि “भाई, शिकंजी बनाने में कौन सी गैस लगती है? क्या नींबू को गर्म करके डाला गया था?”

बाहर खाना हुआ महंगा, कई दुकानें बंद

गैस के संकट ने खाने-पीने के शौकीनों का बजट बिगाड़ दिया है.

  • दुकानें हुईं बंद: दिल्ली के पहाड़गंज की मशहूर ‘सीताराम दीवानचंद’ जैसी पुरानी दुकान भी गैस न मिलने के कारण बंद हो गई है.
  • मेन्यू बदला: कई रेस्टोरेंट अब डोसा-इडली (जिसमें गैस ज्यादा लगती है) की जगह सैंडविच बेचने लगे हैं.
  • चाय-नाश्ता महंगा: दिल्ली-NCR में जो चाय पहले 10-15 रुपये की थी, वह अब 20 रुपये की मिल रही है.मोमोज, पोहा और छोले-भठूरे की प्लेट पर भी 10 से 100 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है.
  • दुकानदारों का कहना है कि “हमे गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदने पड़ रहे हैं, इसलिए मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं.”

Also Read: लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी, घर बैठे मोबाइल से 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola