नए नियमों के साथ बदल गया टैक्स भरने का तरीका, जानें जरूरी सेक्शन

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/ Canva)
Income Tax Act 2025: आयकर अधिनियम 2025 के तहत 1 अप्रैल 2026 से टैक्स फाइलिंग के नए नियम लागू हो गए हैं. धारा 202 अब नई टैक्स व्यवस्था को ‘डिफ़ॉल्ट’ बनाती है. होम लोन (धारा 22), हेल्थ इंश्योरेंस (धारा 126) और रिबेट (धारा 156) जैसी धाराओं को सरल बनाया गया है.
Income Tax Act 2025: अगर आप इस साल इनकम टैक्स फाइल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है. 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ Income Tax Act 2025 सिर्फ पुराने कानून का बदलाव नहीं है, बल्कि यह टैक्स सिस्टम के साथ आपके इंटरैक्शन का तरीका भी बदलता है. नया ई-फाइलिंग पोर्टल, अपडेटेड फॉर्म और आसान पेमेंट सिस्टम के साथ कई अहम सेक्शन भी बदले गए हैं, जिन्हें हर टैक्सपेयर को जानना चाहिए.
सेक्शन 11: कौन-सी आय पर नहीं लगता टैक्स
इस सेक्शन में बताया गया है कि कौन-सी आय टैक्स के दायरे में नहीं आती. इसमें मुख्य रूप से चैरिटी, ट्रस्ट और डोनेशन से जुड़ी आय शामिल है. पहले यह प्रावधान पुराने कानून में भी था, लेकिन अब इसे ज्यादा आसान और व्यवस्थित तरीके से समझाया गया है, जिससे टैक्स छूट क्लेम करना आसान हो गया है.
सेक्शन 22: घर के लोन पर टैक्स छूट
अगर आपने होम लोन लिया है, तो यह सेक्शन आपके लिए फायदेमंद है. इसमें घर के लोन के ब्याज और मूलधन (प्रिंसिपल) पर मिलने वाली छूट को कवर किया गया है. पुराने नियमों की तरह ही फायदा मिलेगा, लेकिन अब नियम ज्यादा स्पष्ट कर दिए गए हैं, जिससे कन्फ्यूजन कम होगा.
सेक्शन 126: हेल्थ इंश्योरेंस पर फायदा
इस सेक्शन के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है. यह पहले भी था, लेकिन अब इसे सरल बना दिया गया है. इससे लोग हेल्थ इंश्योरेंस में निवेश करने के लिए और प्रोत्साहित होंगे और टैक्स प्लानिंग भी आसान होगी.
सेक्शन 156: टैक्स रिबेट अब आसान
इस सेक्शन के जरिए टैक्स रिबेट को और आसान बना दिया गया है. योग्य टैक्सपेयर्स को सीधे टैक्स में छूट मिलती है, जिससे उनकी कुल टैक्स देनदारी कम हो जाती है. सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब इसे क्लेम करना पहले से ज्यादा सरल हो गया है.
सेक्शन 202: नया टैक्स रिजीम डिफॉल्ट
अब नया टैक्स रिजीम डिफॉल्ट बना दिया गया है. इसमें टैक्स दरें कम हैं, लेकिन छूट कम मिलती है. हालांकि, टैक्सपेयर्स के पास पुराना रिजीम चुनने का विकल्प अभी भी मौजूद है. इससे लोग अपनी आय और निवेश के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं.
सेक्शन 263: टैक्स रिटर्न फाइल करना हुआ आसान
इस सेक्शन में टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. पहले अलग-अलग नियमों में बंटे प्रावधानों को अब एक जगह लाकर आसान किया गया है. नए ई-फाइलिंग सिस्टम के साथ यह प्रक्रिया और भी यूजर-फ्रेंडली हो गई है.
पुराना बनाम नया कानून
| विषय | पुरानी धारा (1961 Act) | नई धारा (2025 Act) |
| टैक्स मुक्त आय | धारा 10 | धारा 11 |
| होम लोन कटौती | धारा 24 | धारा 22 |
| हेल्थ इंश्योरेंस | धारा 80D | धारा 126 |
| टैक्स रिबेट | धारा 87A | धारा 156 |
| नई टैक्स व्यवस्था | धारा 115BAC | धारा 202 |
| रिटर्न फाइलिंग | धारा 139 | धारा 263 |
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By Abhishek Pandey
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