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EMI moratorium : तीन महीने तक मासिक किस्त के भुगतान से पाना है मोहलत, तो आपको करना होगा ये काम...

Updated at : 31 Mar 2020 8:40 PM (IST)
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EMI moratorium : तीन महीने तक मासिक किस्त के भुगतान से पाना है मोहलत, तो आपको करना होगा ये काम...

देश के बैंकों ने कर्ज लेने वालों के मासिक किस्त (EMI) में तीन महीने की मोहलत देने के लिए रिजर्व बैंक के निर्देश को अमल में लाना शुरू कर दिया है.

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नयी दिल्ली : देश के बैंकों ने कर्ज लेने वालों के मासिक किस्त (EMI) में तीन महीने की मोहलत देने के लिए रिजर्व बैंक के निर्देश को अमल में लाना शुरू कर दिया है. इन बैंकों ने अपनी शाखाओं को रिजर्व बैंक के राहत उपायों को अमल में लाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही, बैंकों की शाखाओं ने अपने ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ईएमआई में मोहलत समेत सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी देना शुरू कर दिया है, लेकिन तीन महीने तक किस्त भुगतान से मोहलत पाने के लिए आपको इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ECS) या डिजिटल माध्यम से बैंक को सूचना देनी होगी.

रिजर्व बैंक के राहत पैकेज पर बैंकों ने शुरू किया अमल : बैंकों ने कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए ‘लॉकडाउन’ से लोगों को राहत देने के लिए आवास, वाहन और फसल समेत सभी प्रकार के मियादी कर्जों की किस्त लौटाने पर तीन महीने की रोक को लेकर अपनी शाखाओं को इसे अमल में लाने को लेकर कदम उठाने को कहा है. रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए ‘लॉकडाउन’ से लोगों को राहत देने के लिए कर्ज की किस्त लौटाने पर तीन महीने की मोहलत देने की घोषणा की है.

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जा रही हैं सूचनाएं : कई बैंकों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपनी शाखाओं को आरबीआई द्वारा घोषित विभिन्न योजनाओं के बारे में सूचित किया है और विस्तृत दिशानिर्देश उपलब्ध कराया है. ग्राहकों को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ईएमआई भुगतान के संदर्भ में सूचना दी जा रही है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) के प्रबंध निदेशक राजकिरण राय जी ने कहा कि शाखाओं को सभी मियादी कर्ज की किस्त पर तीन महीने की रोक के संदर्भ में सूचना दी गयी है.

ईमेल या डिजिटल माध्यम से ग्राहक बैंकों को दें किस्त टालने की जानकारी : उन्होंने कहा कि जिन्होंने ईएमआई काटे जाने को लेकर ईसीएस (इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस)का विकल्प चुना है, उन ग्राहकों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित शाखा को ई-मेल या अन्य डिजिटल माध्यम से सूचना देनी होगी. राय ने कहा कि बैंक कानूनी मुद्दे जुड़े होने के कारण स्वयं से ईसीएस भुगतान नहीं रोक सकता, लेकिन ग्राहकों के पास बैंक से इसे रोके जाने का आग्रह करने का विकल्प है. उन्होंने कहा कि जिन ग्राहकों की आय प्रभावित नहीं हुई है, उन्हें निधार्रित समयसीमा के अनुसार किस्त देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

पीएनबी ने अपने ग्राहकों से की राहत योजना की पेशकश : बैंकों ने ट्विटर पर लिखा है, ‘कोरोना वायरस महामारी के आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए आरबीआई के पैकेज में भारतीय बैंकों को कर्ज की किस्त टालने और कार्यशील पूंजी पर ब्याज एक मार्च, 2020 से तीन महीने के लिए बढ़ाने की अनुमति देना शामिल है. सार्वजनिक क्षेत्र के एक और बैंक पीएनबी ने कहा कि वह अपने ग्राहकों के लिए राहत योजना की पेशकश कर रही है. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए एक मार्च, 2020 से 31 मई, 2020 के बीच की निश्चित अवधि वाले कर्ज की किस्त और नकद जमा सुविधा पर ब्याज की वसूली को टाले जाने का निर्णय किया गया है.

तीन महीने तक टाल सकते हैं अपना ईएमआई : केनरा बैंक ने ट्वीट किया, ‘आरबीआई पैकेज के तहत कर्जदार अपना एक मार्च, 2020 से 31 मई, 2020 तक भुगतान वाली अपनी ईएमआई तीन महीने के लिए टाल सकते हैं. बैंकों की तरफ से ईएमआई रोक पर स्थिति स्पष्ट होने से ग्राहकों का संदेह दूर होगा. वे बैंकों से भुगतान को लेकर मोबाइल फोन पर आ रहे संदेश को देखते हुए भ्रम की स्थिति में हैं.

ये हैं आरबीआई के राहत पैकेज : आरबीआई ने पिछले शुक्रवार को खुदरा और फसल ऋण तथा कार्यशल पूंजी समेत मियादी कर्ज के भुगतान पर तीन महीने की रोक लगाने की मंजूरी दी. आरबीआई ने यह भी कहा कि इस दौरान भुगतान नहीं होने वाले कर्ज को चूक नहीं माना जाएगा. इस छूट के अंतर्गत मूल राशि/ब्याज, कर्ज भुगतान, क्रेडिट कार्ड भुगतान और बकाया भुगतान तथा मासिक किस्त आएगी. भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ग्राहकों की सुविधा के लिए आरबीआई द्वारा घोषित उपायों के बारे में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) और उसका उत्तर ला सकता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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