हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम करने के लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं, क्यों? पढ़िए रिपोर्ट

वडोदरा कज्यूमर फोरम ने अपने आदेश में कहा कि आधुनिक युग में नए उपचार और दवाएं विकसित हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप मरीजों का इलाज कम समय में या बिना अस्पताल में भर्ती हुए भी हो जाता है. स्वास्थ्य बीमा आपको और आपके परिवार को अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है.
वडोदरा : अगर किसी को मेडिकल इंश्योरेंस का क्लेम करना है, तो उसके लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है. वडोदरा कंज्यूमर फोरम के अनुसार, अस्पताल में 24 घंटे से कम समय के लिए भर्ती होने पर भी लोग मेडिकल इंश्योरेंस का दावा कर सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फोरम ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को वडोदरा निवासी रमेश चंद्र जोशी को भुगतान करने का आदेश दिया है, जिन्होंने अगस्त 2017 में बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, जब फर्म ने उनका दावा खारिज कर दिया था.
वडोदरा कज्यूमर फोरम ने अपने आदेश में कहा कि आधुनिक युग में नए उपचार और दवाएं विकसित हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप मरीजों का इलाज कम समय में या बिना अस्पताल में भर्ती हुए भी हो जाता है. स्वास्थ्य बीमा आपको और आपके परिवार को अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है.
आम तौर पर किसी व्यक्ति का मेडिकल इंश्योरेंस में इलाज के बदले भुगतान के दो प्रकार होते हैं. पहला कैशलेस और दूसरा नकदी भुगतान.
कैशलेस : कैशलेस भुगतान प्रणाली के तहत बीमाकर्ता सभी चिकित्सा बिलों का भुगतान सीधे अस्पताल के साथ करता है. हालांकि, कैशलेस अस्पताल में भर्ती होने का लाभ पाने के लिए एक बीमित व्यक्ति को केवल एक नेटवर्क वाले अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है.
नकदी भुगतान : इस व्यवस्था के तहत पॉलिसीधारक छुट्टी के समय अस्पताल में भर्ती होने के खर्च का अग्रिम भुगतान करता है और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए बीमा कंपनी से अनुरोध करता है. प्रतिपूर्ति के दावे नेटवर्क और गैर-नेटवर्क दोनों अस्पतालों में किए जा सकते हैं.
मेडिकल इंश्योरेंस दावा करने के लिए जिन आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, उनमें निम्न शामिल हैं.
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हेल्थ कार्ड (स्वास्थ्य बीमा आईडी कार्ड)
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डॉक्टर द्वारा प्रदान किए गए सभी परामर्श पत्र
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पूरी तरह से भरा हुआ क्लेम फॉर्म
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सभी जांच और डायग्नोसिस रिपोर्ट, जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे, ब्लड रिपोर्ट आदि।
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भुगतान रसीदों के साथ अस्पताल के बिल
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संबंधित नुस्खे और भुगतान रसीदों के साथ फार्मेसी के चालान
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डिस्चार्ज सारांश
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बीमा दावे के प्रसंस्करण और वितरण की प्रक्रिया को समझना महत्वपूर्ण है. पिछले कुछ वर्षों में बीमा दावों को दाखिल करने की प्रक्रिया तुलनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गई है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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