ePaper

Cashless Treatment: इलाज कराने में नहीं होगी परेशानी, किसी भी अस्पातल में होगा कैशलेस इलाज, जानें नयी व्यवस्था

Updated at : 25 Jan 2024 11:56 AM (IST)
विज्ञापन
Cashless Treatment: इलाज कराने में नहीं होगी परेशानी, किसी भी अस्पातल में होगा कैशलेस इलाज, जानें नयी व्यवस्था

Cashless Treatment: जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने कैशलेस एवरीव्हेयर मुहिम की शुरुआत की है. किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज पाने के लिए आपको कम से कम 48 घंटे पहले अपनी बीमा कंपनी को इसके बारे में बताया होगा.

विज्ञापन

Cashless Treatment: अगर आपके पास किसी भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस है तो आपके लिए बड़ी खुशी की बात है. आपको कैशलेस इलाज करवाने के लिए नेटवर्क अस्पताल की तलाश करने की जरूरत नहीं है. अब आप किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकते हैं और बिल का भुगतान आपको अपनी जेब से नहीं करना पड़ेगा. जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने कैशलेस एवरीव्हेयर (Cashless Everywhere) मुहिम की शुरुआत की है. हालांकि, किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज पाने के लिए आपको कम से कम 48 घंटे पहले अपनी बीमा कंपनी को इसके बारे में बताया होगा. हालांकि, इमरजेंसी का केस होने की स्थिति में मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के 48 घंटों के भीतर मरीज अथवा मरीज के परिजनों के द्वारा बीमा कंपनियों को इसकी जानकारी देनी होगी.

Also Read: Health Insurance: वरिष्ठ नागरिकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने में हो रही परेशानी, जानें क्या है समाधान

क्या है मौजूदा व्यवस्था

मौजूदा वक्त में बीमाधारक को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कैशलेस इलाज का लाभ तब मिलता है जब वो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का पहले से टाई-अप अस्पताल में इलाज कराते हैं. बिना नेटवर्क के अस्पताल में इलाज कराने से बीमाधारक को अपनी जेब से पैसा देना पड़ता है. हालांकि, बाद में बीमाधारक कंपनी में बिल के साथ क्लेम करते करते हैं. सत्यापन के बाद, पूरे बिल या बिल का कुछ हिस्सा कंपनी के द्वारा वापस कर दिया जाता है. हालांकि, इलाज के बाद क्लेम के सेटेलमेंट में कई बार काफी वक्त लग जाता है. वहीं, क्लेम के लिए कई बार बीमा कंपनियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. ऐसे में बीमार को फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने का बीमा का मुख्य उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता है. साथ ही, परेशानी बनी रहती है. कई बार नेटवर्क के अस्पताल में इलाज की उचित व्यवस्था नहीं होती. मगर फिर भी, बीमाधारक वहां इलाज कराने को मजबूर हो जाता था.

बीमा कंपनियों की सहमति से लिया निर्णय

जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के द्वारा ये फैसला लेने से पहले बीमा कंपनियों के साथ बैठक की गयी थी. इसके बाद, कैशलेस एवरीव्हेयर इनिशिएटिव की शुरुआत की गयी. इसका एक मात्र उद्देश्य है कि हेल्थ इंश्योरेंस होल्डर किसी भी अस्पताल में बिना पैसों के इंतजाम की चिंता किए बिना अपना इलाज करा सकें. इसका लाभ लोने के लिए, कस्टमर के पास जो इंश्योरेंस पॉलिसी है, उसमें क्लेम एडमिसिबल होना चाहिए और बीमा में कैशलेस फैसिलिटी इन्क्लूडेड होनी चाहिए.

हेल्थ इंश्योरेंस के क्या लाभ है

हेल्थ इंश्योरेंस एक व्यक्ति को निर्धारित प्रीमियम के खिलाफ विभिन्न स्वास्थ्य सुरक्षा लाभ प्रदान करने का एक तरीका है. इसके कई लाभ होते हैं जैसे आप अपने और आपके परिवार के चिकित्सा खर्चों को सुरक्षित कर सकते हैं. इसके तहत कई प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं शामिल हो सकती हैं, जैसे कि अस्पताल भर्ती, चिकित्सा जांचें, और उपचार. हेल्थ इंश्योरेंस योजनाएं आपको नियमित चिकित्सा जांचों और पूर्व-निगरानी की सुविधा प्रदान कर सकती हैं, जिससे बीमित व्यक्ति को समस्याओं को पहचानने और उन्हें समय पर उपचार करने का मौका मिलता है. आप चिकित्सा खर्चों के साथ संबंधित वित्तीय बोझ से बच सकते हैं. बीमित व्यक्ति को उपचार के लिए बीमा द्वारा कवर किए जाने वाले खर्चों का भुगतान करने में सहायता मिलती है. अस्पताल का चयन करते समय आरामदायक और उपयुक्त सुविधाओं की सुविधा प्रदान कर सकती हैं, जिससे आपको उचित चिकित्सा सेवा मिलती है. हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर किए गए भुगतान के लिए आपको आयकर में छूट का लाभ हो सकता है, जिससे आपको वित्तीय सहायता मिलती है.

विज्ञापन
Madhuresh Narayan

लेखक के बारे में

By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola