GST Council Big Decision : पान मसाला-तंबाकू चबाना महंगा, जीवनरक्षक दवाइयां सस्ती
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 04 Sep 2025 7:03 AM
निर्मला सीतारमण (Photo : PTI)
GST Council Big Decision : जीएसटी काउंसिल की ओर से बड़ा ऐलान किया गया है. पान मसाला-तंबाकू पर 40% टैक्स लगाया गया है जबकि जीवनरक्षक दवाइयां सस्ती कर दी गईं हैं. यहां जानें विस्तार से टैक्स में क्या किया गया है संशोधन.
GST Council Big Decision : आम जनता और मध्यम वर्ग को राहत देने के साथ-साथ हानिकारक उत्पादों पर कर का बोझ बढ़ाने के उद्देश्य से 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में अहम निर्णय लिए गये. सरकार ने जहां जरूरी दवाइयों पर जीएसटी घटाकर उन्हें लगभग शून्य कर दिया, वहीं पान मसाला, तंबाकू और लग्जरी कारों जैसी चीजों पर टैक्स बढ़ा कर 40% कर दिया है.
सरकार का यह कदम दोहरे संदेश देता है. जहां जनता को राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा देने की बात कही गई है. वहीं हानिकारक और लग्जरी उत्पादों पर सख्त कदम उठाया गया है. अब रोजमर्रा की जरूरतें और जीवनरक्षक दवाइयां आम आदमी की पहुंच में होंगी, जबकि नशे और विलासिता से जुड़े उत्पाद महंगे होंगे.
| क्रमांक | वस्तु | पुराना जीएसटी | नया जीएसटी |
|---|---|---|---|
| 1 | पान मसाला | 28% | 40% |
| 2 | कार्बोनेटेड फ्रूट ड्रिंक | 28% | 40% |
| 3 | कैफीन युक्त पेय पदार्थ | 28% | 40% |
| 4 | बिना प्रसंस्कृत तंबाकू (बीड़ी को छोड़कर) | 28% | 40% |
| 5 | निकोटीन/तंबाकू युक्त इनहेलिंग उत्पाद | 28% | 40% |
| 6 | हाइब्रिड कारें (1200 सीसी / 1500 सीसी से ऊपर) | 28% | 40% |
| 7 | डीजल-हाइब्रिड लंबी गाड़ियां | 28% | 40% |
| 8 | अन्य गैर-मादक शीतल पेय | 18% | 40% |
सस्ती हुई दवाइयां
जीएसटी काउंसिल ने 30 से ज्यादा गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों को शून्य टैक्स श्रेणी में डाल दिया है. दवाइयों पर पुराने और नए जीएसटी इस प्रकार हैं.
| क्रमांक | दवा का नाम (हिंदी) | पुराना जीएसटी | नया जीएसटी |
|---|---|---|---|
| 1 | एगैल्सिडेज बीटा | 5% | शून्य |
| 2 | इमिग्लुसेरेज़ | 5% | शून्य |
| 3 | एप्टाकोग अल्फा | 5% | शून्य |
| 4 | ओनासेम्नोजीन एबेपरवोवेक | 12% | शून्य |
| 5 | एस्किमिनिब | 12% | शून्य |
| 6 | मेपोलिज़ुमैब | 12% | शून्य |
| 7 | डैराटुमुमैब | 12% | शून्य |
| 8 | टेक्लिस्टामैब | 12% | शून्य |
| 9 | अमिवैन्टामैब | 12% | शून्य |
| 10 | रिस्डिप्लैम | 12% | शून्य |
| 11 | अन्य सभी दवाइयां | 12% | 5% |
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2500 तक के जूते-कपड़े हुए सस्ते
जीएसटी परिषद ने बुधवार को त्योहारों से पहले आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए 2,500 रुपये तक की कीमत वाले फुटवियर एवं परिधानों को पांच प्रतिशत कर के स्लैब में रखने का निर्णय लिया. वहीं, जीएसटी में केवल दो टैक्स स्लैब पांच प्रतिशत व 18 प्रतिशत को भी मंजूरी दे दी गयी है. अभी तक केवल 1,000 रुपये तक की कीमत वाले जूते-चप्पल एवं परिधान पर ही पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था जबकि इससे अधिक कीमत वाले उत्पादों पर 12 प्रतिशत कर लगाया जाता था.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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