सीएनजी, एलपीजी और हाइड्रोजन पंपों पर नहीं होगी माप-तौल में हेराफेरी! सरकार ने नियमों में किया बदलाव

Published by : Abhishek Pandey Updated At : 24 May 2026 2:45 PM

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सांकेतिक तस्वीर ( फोटो : सोशल मीडिया )

Metrology Rules For Hydrogen LPG-CNG : पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ अब सीएनजी, एलपीजी और हाइड्रोजन गैस भरने वाली मशीनों (डिस्पेंसर) की जांच और सही माप-तौल की जिम्मेदारी प्राइवेट टेस्टिंग सेंटर्स को भी मिल गई है. सरकार ने इसके लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है.

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Metrology Rules For Hydrogen LPG-CNG : देश में सीएनजी (CNG), रसोई गैस (LPG) और हाइड्रोजन जैसे साफ-सुथरे ईंधनों (Clean Fuels) का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. इसी को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, ताकि ग्राहकों को पंपों पर पूरा और सही ईंधन मिले.

उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने विधिक माप विज्ञान नियमों (Legal Metrology Rules) में बड़ा संशोधन किया है. इस नए बदलाव के तहत, अब सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट टेस्टिंग केंद्रों (GATC) को भी हाइड्रोजन, एलपीजी, एलएनजी और सीएनजी डिस्पेंसर (ईंधन बांटने वाली मशीनों) की शुद्धता जांचने और उन्हें सत्यापित (Verify) करने की अनुमति दे दी गई है.

क्या होते हैं ये ‘जीएटीसी’ (GATC) केंद्र ?

जीएटीसी (Government Approved Test Centres) सरकार से मान्यता प्राप्त ऐसे प्राइवेट सेंटर होते हैं, जिनके पास माप-तौल के उपकरणों को जांचने की खास तकनीकी समझ और मशीनें होती हैं. अब तक ये केंद्र केवल 18 तरह के उपकरणों की जांच कर सकते थे, लेकिन नियमों में बदलाव के बाद अब ये 23 तरह की मशीनों की जांच कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इस कदम से देशभर में जांच का काम तेजी से होगा और व्यवस्था में सुधार आएगा.

तय हुआ नया वेरिफिकेशन चार्ज

संशोधित नियमों के तहत सरकार ने इन मशीनों की जांच के लिए प्रति ‘नोजल’ (Nozzle) फीस भी तय कर दी है. आपको बता दें कि ‘नोजल’ ईंधन भरने वाले पाइप के आगे लगा वह हिस्सा होता है, जिसे गाड़ी की टंकी में डालकर पेट्रोल, डीजल या गैस भरी जाती है.

ईंधन का प्रकारवेरिफिकेशन फीस (प्रति नोजल)
पेट्रोल और डीजल वितरण इकाइयां₹5,000
सीएनजी, एलपीजी, एलएनजी और हाइड्रोजन वितरण इकाइयां₹10,000

इससे दो बड़े फायदे होंगे

  • पंपों पर मशीनों की समय-समय पर सही जांच होगी, जिससे गैस या तेल कम मिलने की शिकायतें खत्म होंगी.
  • सीएनजी और हाइड्रोजन जैसे पर्यावरण के अनुकूल ईंधनों के आउटलेट्स पर काम आसान होगा, जिससे देश में क्लीन एनर्जी को अपनाने की रफ्तार तेज होगी.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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