चाइनीज ऐप TikTok पर फ्रांस में भी लगा बैन, US-UK समेत 5 देश पहले ही उठा चुके हैं कदम
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 25 Mar 2023 4:02 PM
फ्रांस शुक्रवार को टिकटॉक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने वाला एक नया देश बन गया है. चाइनीज मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को उनके काम के फोन पर इस मनोरंजक एप्लिकेशन को डाउनलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
पेरिस : अमेरिका और ब्रिटेन के अब फ्रांस ने चाइनीज मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित करने का फैसला किया है. भारत में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून 2020 को भारतीय सैनिकों के साथ चीनी सैनिकों की झड़प के बाद चीन का यह मोबाइल ऐप पहले ही प्रतिबंधित कर दिया गया था. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से संबंधित जोखिमों में बढ़ोतरी से निपटने फ्रांस की सरकार ने सरकारी उपकरणों के तौर पर चाइनीज वीडियो शेयर करने वाले मोबाइल ऐप्लिकेशन टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया है.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस शुक्रवार को टिकटॉक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने वाला एक नया देश बन गया है. चाइनीज मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को उनके काम के फोन पर इस मनोरंजक एप्लिकेशन को डाउनलोड करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस मामले में तेजी तब सामने आई, जब टिकटॉक के सीईओ शॉ च्यू अमेरिकी संसद में पेश हुए और प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई. प्रतिबंधित होने वाले ऐप्लिकेशन की सूची में कैंडी क्रश जैसे गेम ऐप, नेटफ्लिक्स जैसे स्ट्रीमिंग ऐप और टिकटॉक जैसे मनोरंजक ऐप को भी शामिल किया जाएगा.
बेहद लोकप्रिय सोशल मीडिया वेबसाइट ने हाल ही में बहिष्कार के लिए बढ़ती कॉल का सामना किया है. यूरोपीय आयोग के साथ-साथ नीदरलैंड, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड और अब फ्रांस में सरकारों ने टिकटॉक के इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है. इन देशों ने अधिकारियों से कहा है कि वे बीजिंग में कम्युनिस्ट सरकार से संबंधों के डर से काम के उपकरणों पर मोबाइल फोन ऐप का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं.
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इस बीच टिकटॉक ने जोर देकर कहा कि चीनी सरकार का उसके डेटा पर कोई नियंत्रण या पहुंच नहीं है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने शुक्रवार को कहा कि चीन को कभी भी कंपनियों या व्यक्तियों को किसी दूसरे देश में स्थित डेटा एकत्र करने या प्रदान करने की आवश्यकता नहीं होगी, जो स्थानीय कानून का उल्लंघन करता है. हालांकि नवंबर में, फर्म ने स्वीकार किया था कि चीन में कुछ कर्मचारी यूरोपीय यूजर्स के डेटा तक पहुंच सकते हैं. इसके तुरंत बाद, यह भी कहा था कि कर्मचारियों ने डेटा का इस्तेमाल पत्रकारों की जासूसी करने के लिए किया था.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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