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मुनाफाखोर विक्रेताओं के पर कतर कर ग्राहकों को लाभ देने के लिए फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया नया पेमेंट मोड

Updated at : 16 Jul 2020 6:12 PM (IST)
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मुनाफाखोर विक्रेताओं के पर कतर कर ग्राहकों को लाभ देने के लिए फ्लिपकार्ट ने लॉन्च किया नया पेमेंट मोड

अगर आप फ्लिपकार्ट के ग्राहक हैं या उससे ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. कंपनी ने मुनाफाखोर विक्रेताओं के पर कतर कर ग्राहकों को उसका लाभ देने के लिए नया पेमेंट मोड लॉन्च किया है. फ्लिपकार्ट के ग्राहकों के पास अब अपने ऑर्डर के लिए भुगतान करने का एक नया विकल्प होगा. प्रीपेड, कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) और ईएमआई विकल्पों के अलावा फ्लिपकार्ट अब ग्राहकों को आंशिक भुगतान का एक विकल्प उपलब्ध करेगा, जो उन्हें ऑर्डर देने के समय आंशिक राशि का भुगतान करने और डिलीवरी या ऑनलाइन भुगतान पर नकद के माध्यम से शेष रहने की अनुमति देगा. यह कदम ई-कॉमर्स कंपनियों को टक्कर देने और रिटर्न को कम करने के लिए उठाया गया है.

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अगर आप फ्लिपकार्ट के ग्राहक हैं या उससे ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है. कंपनी ने मुनाफाखोर विक्रेताओं के पर कतर कर ग्राहकों को उसका लाभ देने के लिए नया पेमेंट मोड लॉन्च किया है. फ्लिपकार्ट के ग्राहकों के पास अब अपने ऑर्डर के लिए भुगतान करने का एक नया विकल्प होगा. प्रीपेड, कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) और ईएमआई विकल्पों के अलावा फ्लिपकार्ट अब ग्राहकों को आंशिक भुगतान का एक विकल्प उपलब्ध करेगा, जो उन्हें ऑर्डर देने के समय आंशिक राशि का भुगतान करने और डिलीवरी या ऑनलाइन भुगतान पर नकद के माध्यम से शेष रहने की अनुमति देगा. यह कदम ई-कॉमर्स कंपनियों को टक्कर देने, रिटर्न को कम करने और ग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए उठाया गया है.

फ्लिपकार्ट ने विक्रेताओं को भेजे गए ईमेल के जरिए कहा कि मोड (विक्रेता) उच्च इकाई / जीएमवी वृद्धि का भरपूर लाभ लेते हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि कैंसेलेशन कम है, जबकि कैश ऑन डिलीवरी भुगतान का प्रमुख मोड बना हुआ है और यह भी उच्च इकाइयों /जीएमवी ग्रोथ इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि कैंसेलेशन रेट कम है.

इसके साथ ही रेट कार्ड में विभिन्न प्रकार के शुल्क जैसे कि निर्धारित शुल्क, कमीशन, शिपिंग शुल्क और कलेक्शन शुल्क शामिल हैं, नए भुगतान मोड के लिए विक्रेताओं के लिए समान रहेंगे. सभी शुल्क ग्राहक द्वारा पूर्ण भुगतान किए जाने के बाद वसूल किए जाएंगे, कलेक्शन शुल्क विक्रेताओं को ऑर्डर देने के समय ग्राहकों द्वारा भुगतान की गयी राशि के 2 फीसदी पर लगाया जाएगा और बाद में भुगतान की गयी राशि की 2 फीसदी.

ऑनलाइन सेलर्स एसोसिएशन (एआईओवीए) ने ट्वीट किया, ‘बहुत देर से, हम अब सालों से इसकी वकालत कर रहे हैं, लेकिन आखिरकार लागू हो गया. क्या अन्य मार्केटप्लेस इस कदम का पालन करेंगे? फ्लिपकार्ट को उनके कयामत से बचाने के लिए ऐसे और कदमों की जरूरत है.’ एक अलग बयान में एआईओवीए के प्रवक्ता ने कहा कि यह ई-कॉमर्स को पूरी तरह से प्रीपेड बनाने का एक पहला कदम है, जैसे कि यह संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और विकसित राष्ट्रों में है. इस कदम से उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में 2-3 फीसदी की कमी हो सकती है, क्योंकि फिलहाल लागत के रूप में ऐसे अपरिवर्तित आदेशों का नुकसान हुआ था.

इस बीच, फ्लिपकार्ट ने पहले ही प्रोडक्ट पेज पर उत्पाद निर्देशों / विवरण अनुभाग के तहत अपने बाजार में सूचीबद्ध कई उत्पादों के लिए मूल देश प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है. स्नैपडील, बिगबास्केट जैसी अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों ने उत्पादों के लिए मूल देश को भी सक्षम किया है, जिनके संबंधित विक्रेताओं ने जानकारी अपडेट की है. अमेजन ने भी अपने विक्रेताओं को नयी और मौजूदा लिस्टिंग के लिए 10 अगस्त तक शेयर करने के लिए बाध्य किया है.

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Posted By : Vishwat Sen

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